26 दिसंबर 2026 को नांदेड़ का चौघड़िया

शनिवार, 26 दिसंबर 2026, नांदेड़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 26 दिसंबर 2026 को नांदेड़ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (20:05 तक), नक्षत्र पुष्य (20:13 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 06:51 पर और सूर्यास्त 17:50 पर है। राहुकाल 09:36 से 10:58 तक है।

दिन और रात
दिन 06:51 – 17:50
रात 06:52 तक
तिथि
तृतीया, 20:05 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
पुष्य, 20:13 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 दिसंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:51 – 08:14टालें
शुभ08:14 – 09:36शुभ
रोग09:36 – 10:58टालें
उद्वेग10:58 – 12:21टालें
चर12:21 – 13:43सामान्य
लाभ13:43 – 15:05शुभ
अमृत15:05 – 16:28शुभ
काल16:28 – 17:50टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:50 – 19:28शुभ
उद्वेग19:28 – 21:06टालें
शुभ21:06 – 22:43शुभ
अमृत22:43 – 00:21शुभ
चर00:21 – 01:59सामान्य
रोग01:59 – 03:36टालें
काल03:36 – 05:14टालें
लाभ05:14 – 06:52शुभ

26 दिसंबर 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 20:05 तक
कृष्ण चतुर्थी 17:13, 27 दिस॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 20:13 तक
आश्लेषा 18:04, 27 दिस॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 00:22, 27 दिस॰ तक
विष्कंभअशुभ 20:53, 27 दिस॰ तक
करण
वणिज 09:42 तक
विष्टि (भद्रा) 20:05 तक
बव 06:35, 27 दिस॰ तक
बालव 17:13, 27 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:51
सूर्यास्त
17:50
चंद्रोदय
20:29
चंद्रास्त
08:58
दिनमान
10h 59m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:07 – 05:59
अभिजीत मुहूर्त
11:59 – 12:43

अशुभ समय

राहुकाल
09:36 – 10:58
यमगंड
13:43 – 15:05
गुलिक काल
06:51 – 08:14

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:5107:46दिन
गुरु07:4608:41दिन
मंगल08:4109:36दिन
सूर्य09:3610:31दिन
शुक्र10:3111:26दिन
बुध11:2612:21दिन
चंद्र12:2113:16दिन
शनि13:1614:11दिन
गुरु14:1115:05दिन
मंगल15:0516:00दिन
सूर्य16:0016:55दिन
शुक्र16:5517:50दिन
बुध17:5018:55रात
चंद्र18:5520:00रात
शनि20:0021:06रात
गुरु21:0622:11रात
मंगल22:1123:16रात
सूर्य23:1600:21रात
शुक्र00:2101:26रात
बुध01:2602:31रात
चंद्र02:3103:36रात
शनि03:3604:41रात
गुरु04:4105:47रात
मंगल05:4706:52रात

अयनांश 24.2340° (लाहिड़ी)। समय नांदेड़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।