17 फ़रवरी 2028 को नांदेड़ का चौघड़िया

गुरुवार, 17 फ़रवरी 2028, नांदेड़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 17 फ़रवरी 2028 को नांदेड़ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (01:41, 18 फ़र॰ तक), नक्षत्र विशाखा (12:32 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 06:48 पर और सूर्यास्त 18:21 पर है। राहुकाल 14:01 से 15:28 तक है।

दिन और रात
दिन 06:48 – 18:21
रात 06:47 तक
तिथि
अष्टमी, 01:41 तक
नवमी
नक्षत्र
विशाखा, 12:32 तक
अनुराधा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 फ़रवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:48 – 08:14शुभ
रोग08:14 – 09:41टालें
उद्वेग09:41 – 11:08टालें
चर11:08 – 12:34सामान्य
लाभ12:34 – 14:01शुभ
अमृत14:01 – 15:28शुभ
काल15:28 – 16:54टालें
शुभ16:54 – 18:21शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:21 – 19:54शुभ
चर19:54 – 21:27सामान्य
रोग21:27 – 23:01टालें
काल23:01 – 00:34टालें
लाभ00:34 – 02:07शुभ
उद्वेग02:07 – 03:41टालें
शुभ03:41 – 05:14शुभ
अमृत05:14 – 06:47शुभ

17 फ़रवरी 2028 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 01:41, 18 फ़र॰ तक
कृष्ण नवमी 02:24, 19 फ़र॰ तक
नक्षत्र
विशाखा 12:32 तक
अनुराधा 13:25, 18 फ़र॰ तक
योग
ध्रुव 17:18 तक
व्याघातअशुभ 16:29, 18 फ़र॰ तक
करण
बालव 13:38 तक
कौलव 01:41, 18 फ़र॰ तक
तैतिल 13:57, 18 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:48
सूर्यास्त
18:21
चंद्रोदय
00:17
चंद्रास्त
11:31
दिनमान
11h 33m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:08 – 05:58
अभिजीत मुहूर्त
12:11 – 12:57

अशुभ समय

राहुकाल
14:01 – 15:28
यमगंड
06:48 – 08:14
गुलिक काल
09:41 – 11:08

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:4807:46दिन
मंगल07:4608:43दिन
सूर्य08:4309:41दिन
शुक्र09:4110:39दिन
बुध10:3911:37दिन
चंद्र11:3712:34दिन
शनि12:3413:32दिन
गुरु13:3214:30दिन
मंगल14:3015:28दिन
सूर्य15:2816:25दिन
शुक्र16:2517:23दिन
बुध17:2318:21दिन
चंद्र18:2119:23रात
शनि19:2320:25रात
गुरु20:2521:27रात
मंगल21:2722:30रात
सूर्य22:3023:32रात
शुक्र23:3200:34रात
बुध00:3401:36रात
चंद्र01:3602:38रात
शनि02:3803:41रात
गुरु03:4104:43रात
मंगल04:4305:45रात
सूर्य05:4506:47रात

अयनांश 24.2500° (लाहिड़ी)। समय नांदेड़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।