2 मार्च 2028 को नांदेड़ का चौघड़िया

गुरुवार, 2 मार्च 2028, नांदेड़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 2 मार्च 2028 को नांदेड़ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (02:38, 3 मार्च तक), नक्षत्र भरणी (19:19 तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 06:39 पर और सूर्यास्त 18:26 पर है। राहुकाल 14:01 से 15:29 तक है।

दिन और रात
दिन 06:39 – 18:26
रात 06:38 तक
तिथि
षष्ठी, 02:38 तक
सप्तमी
नक्षत्र
भरणी, 19:19 तक
कृत्तिका
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 मार्च 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:39 – 08:07शुभ
रोग08:07 – 09:36टालें
उद्वेग09:36 – 11:04टालें
चर11:04 – 12:32सामान्य
लाभ12:32 – 14:01शुभ
अमृत14:01 – 15:29शुभ
काल15:29 – 16:58टालें
शुभ16:58 – 18:26शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:26 – 19:58शुभ
चर19:58 – 21:29सामान्य
रोग21:29 – 23:01टालें
काल23:01 – 00:32टालें
लाभ00:32 – 02:04शुभ
उद्वेग02:04 – 03:35टालें
शुभ03:35 – 05:06शुभ
अमृत05:06 – 06:38शुभ

2 मार्च 2028 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 02:38, 3 मार्च तक
शुक्ल सप्तमी 02:44, 4 मार्च तक
नक्षत्र
भरणी 19:19 तक
कृत्तिका 20:11, 3 मार्च तक
योग
इंद्र 22:21 तक
वैधृतिअशुभ 21:23, 3 मार्च तक
करण
कौलव 14:22 तक
तैतिल 02:38, 3 मार्च तक
गर 14:46, 3 मार्च तक
चंद्र राशि
मेष 01:35, 3 मार्च तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:39
सूर्यास्त
18:26
चंद्रोदय
09:55
चंद्रास्त
23:27
दिनमान
11h 48m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:01 – 05:50
अभिजीत मुहूर्त
12:09 – 12:56

अशुभ समय

राहुकाल
14:01 – 15:29
यमगंड
06:39 – 08:07
गुलिक काल
09:36 – 11:04

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:3907:38दिन
मंगल07:3808:37दिन
सूर्य08:3709:36दिन
शुक्र09:3610:34दिन
बुध10:3411:33दिन
चंद्र11:3312:32दिन
शनि12:3213:31दिन
गुरु13:3114:30दिन
मंगल14:3015:29दिन
सूर्य15:2916:28दिन
शुक्र16:2817:27दिन
बुध17:2718:26दिन
चंद्र18:2619:27रात
शनि19:2720:28रात
गुरु20:2821:29रात
मंगल21:2922:30रात
सूर्य22:3023:31रात
शुक्र23:3100:32रात
बुध00:3201:33रात
चंद्र01:3302:34रात
शनि02:3403:35रात
गुरु03:3504:36रात
मंगल04:3605:37रात
सूर्य05:3706:38रात

अयनांश 24.2505° (लाहिड़ी)। समय नांदेड़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।