3 मार्च 2028 को नांदेड़ का चौघड़िया

शुक्रवार, 3 मार्च 2028, नांदेड़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 3 मार्च 2028 को नांदेड़ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (02:44, 4 मार्च तक), नक्षत्र कृत्तिका (20:11 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 06:38 पर और सूर्यास्त 18:27 पर है। राहुकाल 11:04 से 12:32 तक है।

दिन और रात
दिन 06:38 – 18:27
रात 06:37 तक
तिथि
सप्तमी, 02:44 तक
अष्टमी
नक्षत्र
कृत्तिका, 20:11 तक
रोहिणी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 मार्च 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:38 – 08:06सामान्य
लाभ08:06 – 09:35शुभ
अमृत09:35 – 11:04शुभ
काल11:04 – 12:32टालें
शुभ12:32 – 14:01शुभ
रोग14:01 – 15:29टालें
उद्वेग15:29 – 16:58टालें
चर16:58 – 18:27सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:27 – 19:58टालें
काल19:58 – 21:29टालें
लाभ21:29 – 23:00शुभ
उद्वेग23:00 – 00:32टालें
शुभ00:32 – 02:03शुभ
अमृत02:03 – 03:34शुभ
चर03:34 – 05:06सामान्य
रोग05:06 – 06:37टालें

3 मार्च 2028 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 02:44, 4 मार्च तक
शुक्ल अष्टमी 02:10, 5 मार्च तक
नक्षत्र
रोहिणी 20:25, 4 मार्च तक
योग
वैधृतिअशुभ 21:23 तक
विष्कंभअशुभ 19:54, 4 मार्च तक
करण
गर 14:46 तक
वणिज 02:44, 4 मार्च तक
विष्टि (भद्रा) 14:32, 4 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:38
सूर्यास्त
18:27
चंद्रोदय
10:42
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
11h 49m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:00 – 05:49
अभिजीत मुहूर्त
12:09 – 12:56

अशुभ समय

राहुकाल
11:04 – 12:32
यमगंड
15:29 – 16:58
गुलिक काल
08:06 – 09:35

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:3807:37दिन
बुध07:3708:36दिन
चंद्र08:3609:35दिन
शनि09:3510:34दिन
गुरु10:3411:33दिन
मंगल11:3312:32दिन
सूर्य12:3213:31दिन
शुक्र13:3114:30दिन
बुध14:3015:29दिन
चंद्र15:2916:28दिन
शनि16:2817:27दिन
गुरु17:2718:27दिन
मंगल18:2719:27रात
सूर्य19:2720:28रात
शुक्र20:2821:29रात
बुध21:2922:30रात
चंद्र22:3023:31रात
शनि23:3100:32रात
गुरु00:3201:33रात
मंगल01:3302:34रात
सूर्य02:3403:34रात
शुक्र03:3404:35रात
बुध04:3505:36रात
चंद्र05:3606:37रात

अयनांश 24.2506° (लाहिड़ी)। समय नांदेड़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।