4 मार्च 2028 को नांदेड़ का चौघड़िया

शनिवार, 4 मार्च 2028, नांदेड़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 4 मार्च 2028 को नांदेड़ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (02:10, 5 मार्च तक), नक्षत्र रोहिणी (20:25 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 06:37 पर और सूर्यास्त 18:27 पर है। राहुकाल 09:35 से 11:03 तक है।

दिन और रात
दिन 06:37 – 18:27
रात 06:36 तक
तिथि
अष्टमी, 02:10 तक
नवमी
नक्षत्र
रोहिणी, 20:25 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 मार्च 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:37 – 08:06टालें
शुभ08:06 – 09:35शुभ
रोग09:35 – 11:03टालें
उद्वेग11:03 – 12:32टालें
चर12:32 – 14:01सामान्य
लाभ14:01 – 15:29शुभ
अमृत15:29 – 16:58शुभ
काल16:58 – 18:27टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:27 – 19:58शुभ
उद्वेग19:58 – 21:29टालें
शुभ21:29 – 23:00शुभ
अमृत23:00 – 00:32शुभ
चर00:32 – 02:03सामान्य
रोग02:03 – 03:34टालें
काल03:34 – 05:05टालें
लाभ05:05 – 06:36शुभ

4 मार्च 2028 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 02:10, 5 मार्च तक
शुक्ल नवमी 00:55, 6 मार्च तक
नक्षत्र
रोहिणी 20:25 तक
मृगशिरा 20:00, 5 मार्च तक
योग
विष्कंभअशुभ 19:54 तक
प्रीति 17:54, 5 मार्च तक
करण
विष्टि (भद्रा) 14:32 तक
बव 02:10, 5 मार्च तक
बालव 13:38, 5 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:37
सूर्यास्त
18:27
चंद्रोदय
11:34
चंद्रास्त
00:25
दिनमान
11h 50m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:00 – 05:48
अभिजीत मुहूर्त
12:08 – 12:56

अशुभ समय

राहुकाल
09:35 – 11:03
यमगंड
14:01 – 15:29
गुलिक काल
06:37 – 08:06

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:3707:36दिन
गुरु07:3608:35दिन
मंगल08:3509:35दिन
सूर्य09:3510:34दिन
शुक्र10:3411:33दिन
बुध11:3312:32दिन
चंद्र12:3213:31दिन
शनि13:3114:30दिन
गुरु14:3015:29दिन
मंगल15:2916:29दिन
सूर्य16:2917:28दिन
शुक्र17:2818:27दिन
बुध18:2719:28रात
चंद्र19:2820:28रात
शनि20:2821:29रात
गुरु21:2922:30रात
मंगल22:3023:31रात
सूर्य23:3100:32रात
शुक्र00:3201:32रात
बुध01:3202:33रात
चंद्र02:3303:34रात
शनि03:3404:35रात
गुरु04:3505:36रात
मंगल05:3606:36रात

अयनांश 24.2506° (लाहिड़ी)। समय नांदेड़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।