13 अप्रैल 2028 को नांदेड़ का चौघड़िया

गुरुवार, 13 अप्रैल 2028, नांदेड़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 13 अप्रैल 2028 को नांदेड़ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (07:29 तक), नक्षत्र अनुराधा (06:08 तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 06:04 पर और सूर्यास्त 18:37 पर है। राहुकाल 13:55 से 15:29 तक है।

दिन और रात
दिन 06:04 – 18:37
रात 06:04 तक
तिथि
पंचमी
नक्षत्र
ज्येष्ठा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 अप्रैल 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:04 – 07:38शुभ
रोग07:38 – 09:13टालें
उद्वेग09:13 – 10:47टालें
चर10:47 – 12:21सामान्य
लाभ12:21 – 13:55शुभ
अमृत13:55 – 15:29शुभ
काल15:29 – 17:03टालें
शुभ17:03 – 18:37शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:37 – 20:03शुभ
चर20:03 – 21:29सामान्य
रोग21:29 – 22:55टालें
काल22:55 – 00:20टालें
लाभ00:20 – 01:46शुभ
उद्वेग01:46 – 03:12टालें
शुभ03:12 – 04:38शुभ
अमृत04:38 – 06:04शुभ

13 अप्रैल 2028 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 07:29 तक
कृष्ण पंचमी 07:13, 14 अप्रैल तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 06:30, 14 अप्रैल तक
योग
व्यतीपातअशुभ 07:12 तक
वरीयान 05:52, 14 अप्रैल तक
परिघअशुभ 05:13, 15 अप्रैल तक
करण
बालव 07:29 तक
कौलव 19:14 तक
तैतिल 07:13, 14 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:04
सूर्यास्त
18:37
चंद्रोदय
22:46
चंद्रास्त
08:55
दिनमान
12h 33m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:33 – 05:19
अभिजीत मुहूर्त
11:56 – 12:46

अशुभ समय

राहुकाल
13:55 – 15:29
यमगंड
06:04 – 07:38
गुलिक काल
09:13 – 10:47

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:0407:07दिन
मंगल07:0708:10दिन
सूर्य08:1009:13दिन
शुक्र09:1310:15दिन
बुध10:1511:18दिन
चंद्र11:1812:21दिन
शनि12:2113:24दिन
गुरु13:2414:26दिन
मंगल14:2615:29दिन
सूर्य15:2916:32दिन
शुक्र16:3217:35दिन
बुध17:3518:37दिन
चंद्र18:3719:34रात
शनि19:3420:32रात
गुरु20:3221:29रात
मंगल21:2922:26रात
सूर्य22:2623:23रात
शुक्र23:2300:20रात
बुध00:2001:18रात
चंद्र01:1802:15रात
शनि02:1503:12रात
गुरु03:1204:09रात
मंगल04:0905:06रात
सूर्य05:0606:04रात

अयनांश 24.2521° (लाहिड़ी)। समय नांदेड़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।