9 नवंबर 2028 को नांदेड़ का चौघड़िया

गुरुवार, 9 नवंबर 2028, नांदेड़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 9 नवंबर 2028 को नांदेड़ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (15:40 तक), नक्षत्र पुष्य (14:36 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 06:25 पर और सूर्यास्त 17:43 पर है। राहुकाल 13:29 से 14:54 तक है।

दिन और रात
दिन 06:25 – 17:43
रात 06:25 तक
तिथि
सप्तमी, 15:40 तक
अष्टमी
नक्षत्र
पुष्य, 14:36 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

9 नवंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:25 – 07:50शुभ
रोग07:50 – 09:14टालें
उद्वेग09:14 – 10:39टालें
चर10:39 – 12:04सामान्य
लाभ12:04 – 13:29शुभ
अमृत13:29 – 14:54शुभ
काल14:54 – 16:18टालें
शुभ16:18 – 17:43शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:43 – 19:19शुभ
चर19:19 – 20:54सामान्य
रोग20:54 – 22:29टालें
काल22:29 – 00:04टालें
लाभ00:04 – 01:39शुभ
उद्वेग01:39 – 03:15टालें
शुभ03:15 – 04:50शुभ
अमृत04:50 – 06:25शुभ

9 नवंबर 2028 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 15:40 तक
कृष्ण अष्टमी 14:03, 10 नव॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 14:36 तक
आश्लेषा 13:42, 10 नव॰ तक
योग
शुभ 09:20 तक
शुक्ल 06:58, 10 नव॰ तक
करण
बव 15:40 तक
बालव 02:55, 10 नव॰ तक
कौलव 14:03, 10 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:25
सूर्यास्त
17:43
चंद्रोदय
23:56
चंद्रास्त
12:12
दिनमान
11h 19m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:43 – 05:34
अभिजीत मुहूर्त
11:41 – 12:27

अशुभ समय

राहुकाल
13:29 – 14:54
यमगंड
06:25 – 07:50
गुलिक काल
09:14 – 10:39

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:2507:21दिन
मंगल07:2108:18दिन
सूर्य08:1809:14दिन
शुक्र09:1410:11दिन
बुध10:1111:07दिन
चंद्र11:0712:04दिन
शनि12:0413:01दिन
गुरु13:0113:57दिन
मंगल13:5714:54दिन
सूर्य14:5415:50दिन
शुक्र15:5016:47दिन
बुध16:4717:43दिन
चंद्र17:4318:47रात
शनि18:4719:50रात
गुरु19:5020:54रात
मंगल20:5421:57रात
सूर्य21:5723:01रात
शुक्र23:0100:04रात
बुध00:0401:08रात
चंद्र01:0802:11रात
शनि02:1103:15रात
गुरु03:1504:18रात
मंगल04:1805:22रात
सूर्य05:2206:25रात

अयनांश 24.2602° (लाहिड़ी)। समय नांदेड़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।