13 नवंबर 2028 को नांदेड़ का चौघड़िया

सोमवार, 13 नवंबर 2028, नांदेड़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 13 नवंबर 2028 को नांदेड़ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (06:42 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (08:28 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 06:27 पर और सूर्यास्त 17:42 पर है। राहुकाल 07:51 से 09:16 तक है।

दिन और रात
दिन 06:27 – 17:42
रात 06:27 तक
तिथि
द्वादशी, 03:41 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
हस्त, 06:10 तक
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 नवंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:27 – 07:51शुभ
काल07:51 – 09:16टालें
शुभ09:16 – 10:40शुभ
रोग10:40 – 12:04टालें
उद्वेग12:04 – 13:29टालें
चर13:29 – 14:53सामान्य
लाभ14:53 – 16:18शुभ
अमृत16:18 – 17:42शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:42 – 19:18सामान्य
रोग19:18 – 20:53टालें
काल20:53 – 22:29टालें
लाभ22:29 – 00:05शुभ
उद्वेग00:05 – 01:40टालें
शुभ01:40 – 03:16शुभ
अमृत03:16 – 04:52शुभ
चर04:52 – 06:27सामान्य

13 नवंबर 2028 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 06:42 तक
कृष्ण द्वादशी 03:41, 14 नव॰ तक
कृष्ण त्रयोदशी 00:35, 15 नव॰ तक
नक्षत्र
हस्त 06:10, 14 नव॰ तक
चित्रा 03:49, 15 नव॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 18:08 तक
प्रीति 14:25, 14 नव॰ तक
करण
बालव 06:42 तक
कौलव 17:13 तक
तैतिल 03:41, 14 नव॰ तक
गर 14:08, 14 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:27
सूर्यास्त
17:42
चंद्रोदय
02:53
चंद्रास्त
14:59
दिनमान
11h 15m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:45 – 05:36
अभिजीत मुहूर्त
11:42 – 12:27

अशुभ समय

राहुकाल
07:51 – 09:16
यमगंड
10:40 – 12:04
गुलिक काल
13:29 – 14:53

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:2707:23दिन
शनि07:2308:19दिन
गुरु08:1909:16दिन
मंगल09:1610:12दिन
सूर्य10:1211:08दिन
शुक्र11:0812:04दिन
बुध12:0413:01दिन
चंद्र13:0113:57दिन
शनि13:5714:53दिन
गुरु14:5315:50दिन
मंगल15:5016:46दिन
सूर्य16:4617:42दिन
शुक्र17:4218:46रात
बुध18:4619:50रात
चंद्र19:5020:53रात
शनि20:5321:57रात
गुरु21:5723:01रात
मंगल23:0100:05रात
सूर्य00:0501:09रात
शुक्र01:0902:12रात
बुध02:1203:16रात
चंद्र03:1604:20रात
शनि04:2005:24रात
गुरु05:2406:27रात

अयनांश 24.2603° (लाहिड़ी)। समय नांदेड़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।