17 नवंबर 2028 को नांदेड़ का चौघड़िया

शुक्रवार, 17 नवंबर 2028, नांदेड़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 17 नवंबर 2028 को नांदेड़ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (16:25 तक), नक्षत्र अनुराधा (22:02 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 06:29 पर और सूर्यास्त 17:41 पर है। राहुकाल 10:41 से 12:05 तक है।

दिन और रात
दिन 06:29 – 17:41
रात 06:30 तक
तिथि
प्रतिपदा, 16:25 तक
द्वितीया
नक्षत्र
अनुराधा, 22:02 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 नवंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:29 – 07:53सामान्य
लाभ07:53 – 09:17शुभ
अमृत09:17 – 10:41शुभ
काल10:41 – 12:05टालें
शुभ12:05 – 13:29शुभ
रोग13:29 – 14:53टालें
उद्वेग14:53 – 16:17टालें
चर16:17 – 17:41सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:41 – 19:17टालें
काल19:17 – 20:53टालें
लाभ20:53 – 22:29शुभ
उद्वेग22:29 – 00:05टालें
शुभ00:05 – 01:42शुभ
अमृत01:42 – 03:18शुभ
चर03:18 – 04:54सामान्य
रोग04:54 – 06:30टालें

17 नवंबर 2028 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 16:25 तक
शुक्ल द्वितीया 14:36, 18 नव॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 21:04, 18 नव॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 00:48, 18 नव॰ तक
सुकर्मा 22:20, 18 नव॰ तक
करण
बव 16:25 तक
बालव 03:26, 18 नव॰ तक
कौलव 14:36, 18 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:29
सूर्यास्त
17:41
चंद्रोदय
07:07
चंद्रास्त
18:20
दिनमान
11h 12m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:47 – 05:38
अभिजीत मुहूर्त
11:43 – 12:28

अशुभ समय

राहुकाल
10:41 – 12:05
यमगंड
14:53 – 16:17
गुलिक काल
07:53 – 09:17

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:2907:25दिन
बुध07:2508:21दिन
चंद्र08:2109:17दिन
शनि09:1710:13दिन
गुरु10:1311:09दिन
मंगल11:0912:05दिन
सूर्य12:0513:01दिन
शुक्र13:0113:57दिन
बुध13:5714:53दिन
चंद्र14:5315:49दिन
शनि15:4916:45दिन
गुरु16:4517:41दिन
मंगल17:4118:45रात
सूर्य18:4519:49रात
शुक्र19:4920:53रात
बुध20:5321:57रात
चंद्र21:5723:01रात
शनि23:0100:05रात
गुरु00:0501:09रात
मंगल01:0902:14रात
सूर्य02:1403:18रात
शुक्र03:1804:22रात
बुध04:2205:26रात
चंद्र05:2606:30रात

अयनांश 24.2605° (लाहिड़ी)। समय नांदेड़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।