27 दिसंबर 2028 को नांदेड़ का चौघड़िया

बुधवार, 27 दिसंबर 2028, नांदेड़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 27 दिसंबर 2028 को नांदेड़ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (22:27 तक), नक्षत्र भरणी (03:11, 28 दिस॰ तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 06:52 पर और सूर्यास्त 17:51 पर है। राहुकाल 12:21 से 13:44 तक है।

दिन और रात
दिन 06:52 – 17:51
रात 06:52 तक
तिथि
एकादशी, 22:27 तक
द्वादशी
नक्षत्र
भरणी, 03:11 तक
कृत्तिका
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 दिसंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:52 – 08:14शुभ
अमृत08:14 – 09:37शुभ
काल09:37 – 10:59टालें
शुभ10:59 – 12:21शुभ
रोग12:21 – 13:44टालें
उद्वेग13:44 – 15:06टालें
चर15:06 – 16:29सामान्य
लाभ16:29 – 17:51शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:51 – 19:29टालें
शुभ19:29 – 21:06शुभ
अमृत21:06 – 22:44शुभ
चर22:44 – 00:22सामान्य
रोग00:22 – 01:59टालें
काल01:59 – 03:37टालें
लाभ03:37 – 05:15शुभ
उद्वेग05:15 – 06:52टालें

27 दिसंबर 2028 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 22:27 तक
शुक्ल द्वादशी 23:21, 28 दिस॰ तक
नक्षत्र
भरणी 03:11, 28 दिस॰ तक
कृत्तिका 04:29, 29 दिस॰ तक
योग
सिद्ध 04:49, 28 दिस॰ तक
साध्य 04:13, 29 दिस॰ तक
करण
वणिज 09:46 तक
विष्टि (भद्रा) 22:27 तक
बव 10:59, 28 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:52
सूर्यास्त
17:51
चंद्रोदय
14:07
चंद्रास्त
02:41
दिनमान
10h 59m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:08 – 06:00
अभिजीत मुहूर्त
11:59 – 12:43 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:21 – 13:44
यमगंड
08:14 – 09:37
गुलिक काल
10:59 – 12:21

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:5207:47दिन
चंद्र07:4708:42दिन
शनि08:4209:37दिन
गुरु09:3710:32दिन
मंगल10:3211:27दिन
सूर्य11:2712:21दिन
शुक्र12:2113:16दिन
बुध13:1614:11दिन
चंद्र14:1115:06दिन
शनि15:0616:01दिन
गुरु16:0116:56दिन
मंगल16:5617:51दिन
सूर्य17:5118:56रात
शुक्र18:5620:01रात
बुध20:0121:06रात
चंद्र21:0622:11रात
शनि22:1123:17रात
गुरु23:1700:22रात
मंगल00:2201:27रात
सूर्य01:2702:32रात
शुक्र02:3203:37रात
बुध03:3704:42रात
चंद्र04:4205:47रात
शनि05:4706:52रात

अयनांश 24.2620° (लाहिड़ी)। समय नांदेड़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।