15 मई 2029 को नांदेड़ का चौघड़िया

मंगलवार, 15 मई 2029, नांदेड़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 15 मई 2029 को नांदेड़ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (22:20 तक), नक्षत्र रोहिणी (19:21 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 05:46 पर और सूर्यास्त 18:48 पर है। राहुकाल 15:32 से 17:10 तक है।

दिन और रात
दिन 05:46 – 18:48
रात 05:45 तक
तिथि
द्वितीया, 22:20 तक
तृतीया
नक्षत्र
रोहिणी, 19:21 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

15 मई 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:46 – 07:23टालें
उद्वेग07:23 – 09:01टालें
चर09:01 – 10:39सामान्य
लाभ10:39 – 12:17शुभ
अमृत12:17 – 13:54शुभ
काल13:54 – 15:32टालें
शुभ15:32 – 17:10शुभ
रोग17:10 – 18:48टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:48 – 20:10टालें
लाभ20:10 – 21:32शुभ
उद्वेग21:32 – 22:54टालें
शुभ22:54 – 00:17शुभ
अमृत00:17 – 01:39शुभ
चर01:39 – 03:01सामान्य
रोग03:01 – 04:23टालें
काल04:23 – 05:45टालें

15 मई 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 22:20 तक
शुक्ल तृतीया 23:20, 16 मई तक
नक्षत्र
रोहिणी 19:21 तक
मृगशिरा 21:02, 16 मई तक
योग
अतिगंडअशुभ 12:00 तक
सुकर्मा 11:56, 16 मई तक
करण
बालव 09:41 तक
कौलव 22:20 तक
तैतिल 10:53, 16 मई तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृषभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:46
सूर्यास्त
18:48
चंद्रोदय
06:50
चंद्रास्त
20:30
दिनमान
13h 2m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:18 – 05:02
अभिजीत मुहूर्त
11:51 – 12:43

अशुभ समय

राहुकाल
15:32 – 17:10
यमगंड
09:01 – 10:39
गुलिक काल
12:17 – 13:54

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:4606:51दिन
सूर्य06:5107:56दिन
शुक्र07:5609:01दिन
बुध09:0110:06दिन
चंद्र10:0611:12दिन
शनि11:1212:17दिन
गुरु12:1713:22दिन
मंगल13:2214:27दिन
सूर्य14:2715:32दिन
शुक्र15:3216:37दिन
बुध16:3717:43दिन
चंद्र17:4318:48दिन
शनि18:4819:43रात
गुरु19:4320:37रात
मंगल20:3721:32रात
सूर्य21:3222:27रात
शुक्र22:2723:22रात
बुध23:2200:17रात
चंद्र00:1701:11रात
शनि01:1102:06रात
गुरु02:0603:01रात
मंगल03:0103:56रात
सूर्य03:5604:50रात
शुक्र04:5005:45रात

अयनांश 24.2673° (लाहिड़ी)। समय नांदेड़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।