16 सितंबर 2026 को नेल्लोर का चौघड़िया

बुधवार, 16 सितंबर 2026, नेल्लोर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 16 सितंबर 2026 को नेल्लोर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (08:59 तक), नक्षत्र विशाखा (17:22 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 05:58 पर और सूर्यास्त 18:10 पर है। राहुकाल 12:04 से 13:36 तक है।

दिन और रात
दिन 05:58 – 18:10
रात 05:58 तक
तिथि
पंचमी, 08:59 तक
षष्ठी
नक्षत्र
विशाखा, 17:22 तक
अनुराधा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 सितंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:58 – 07:30शुभ
अमृत07:30 – 09:01शुभ
काल09:01 – 10:33टालें
शुभ10:33 – 12:04शुभ
रोग12:04 – 13:36टालें
उद्वेग13:36 – 15:07टालें
चर15:07 – 16:39सामान्य
लाभ16:39 – 18:10शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:10 – 19:39टालें
शुभ19:39 – 21:07शुभ
अमृत21:07 – 22:36शुभ
चर22:36 – 00:04सामान्य
रोग00:04 – 01:33टालें
काल01:33 – 03:01टालें
लाभ03:01 – 04:30शुभ
उद्वेग04:30 – 05:58टालें

16 सितंबर 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 08:59 तक
शुक्ल षष्ठी 10:48, 17 सित॰ तक
नक्षत्र
विशाखा 17:22 तक
अनुराधा 19:53, 17 सित॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 12:22 तक
विष्कंभअशुभ 12:49, 17 सित॰ तक
करण
बालव 08:59 तक
कौलव 21:50 तक
तैतिल 10:48, 17 सित॰ तक
चंद्र राशि
तुला 10:49 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:58
सूर्यास्त
18:10
चंद्रोदय
10:16
चंद्रास्त
21:44
दिनमान
12h 12m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:24 – 05:11
अभिजीत मुहूर्त
11:40 – 12:29 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:04 – 13:36
यमगंड
07:30 – 09:01
गुलिक काल
10:33 – 12:04

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:5806:59दिन
चंद्र06:5908:00दिन
शनि08:0009:01दिन
गुरु09:0110:02दिन
मंगल10:0211:03दिन
सूर्य11:0312:04दिन
शुक्र12:0413:05दिन
बुध13:0514:06दिन
चंद्र14:0615:07दिन
शनि15:0716:08दिन
गुरु16:0817:09दिन
मंगल17:0918:10दिन
सूर्य18:1019:09रात
शुक्र19:0920:08रात
बुध20:0821:07रात
चंद्र21:0722:06रात
शनि22:0623:05रात
गुरु23:0500:04रात
मंगल00:0401:03रात
सूर्य01:0302:02रात
शुक्र02:0203:01रात
बुध03:0104:00रात
चंद्र04:0004:59रात
शनि04:5905:58रात

अयनांश 24.2301° (लाहिड़ी)। समय नेल्लोर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।