11 जनवरी 2027 को नेल्लोर का चौघड़िया

सोमवार, 11 जनवरी 2027, नेल्लोर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 11 जनवरी 2027 को नेल्लोर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (09:28 तक), नक्षत्र धनिष्ठा (17:53 तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 06:37 पर और सूर्यास्त 17:57 पर है। राहुकाल 08:02 से 09:27 तक है।

दिन और रात
दिन 06:37 – 17:57
रात 06:37 तक
तिथि
चतुर्थी
नक्षत्र
धनिष्ठा, 17:53 तक
शतभिषा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:37 – 08:02शुभ
काल08:02 – 09:27टालें
शुभ09:27 – 10:52शुभ
रोग10:52 – 12:17टालें
उद्वेग12:17 – 13:42टालें
चर13:42 – 15:07सामान्य
लाभ15:07 – 16:32शुभ
अमृत16:32 – 17:57शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:57 – 19:32सामान्य
रोग19:32 – 21:07टालें
काल21:07 – 22:42टालें
लाभ22:42 – 00:17शुभ
उद्वेग00:17 – 01:52टालें
शुभ01:52 – 03:27शुभ
अमृत03:27 – 05:02शुभ
चर05:02 – 06:37सामान्य

11 जनवरी 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 09:28 तक
शुक्ल चतुर्थी 11:29, 12 जन॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 20:14, 12 जन॰ तक
योग
सिद्धि 17:38 तक
व्यतीपातअशुभ 17:57, 12 जन॰ तक
करण
गर 09:28 तक
वणिज 22:32 तक
विष्टि (भद्रा) 11:29, 12 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:37
सूर्यास्त
17:57
चंद्रोदय
08:55
चंद्रास्त
20:51
दिनमान
11h 20m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:56 – 05:47
अभिजीत मुहूर्त
11:55 – 12:40

अशुभ समय

राहुकाल
08:02 – 09:27
यमगंड
10:52 – 12:17
गुलिक काल
13:42 – 15:07

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:3707:34दिन
शनि07:3408:31दिन
गुरु08:3109:27दिन
मंगल09:2710:24दिन
सूर्य10:2411:21दिन
शुक्र11:2112:17दिन
बुध12:1713:14दिन
चंद्र13:1414:11दिन
शनि14:1115:07दिन
गुरु15:0716:04दिन
मंगल16:0417:01दिन
सूर्य17:0117:57दिन
शुक्र17:5719:01रात
बुध19:0120:04रात
चंद्र20:0421:07रात
शनि21:0722:11रात
गुरु22:1123:14रात
मंगल23:1400:17रात
सूर्य00:1701:21रात
शुक्र01:2102:24रात
बुध02:2403:27रात
चंद्र03:2704:31रात
शनि04:3105:34रात
गुरु05:3406:37रात

अयनांश 24.2346° (लाहिड़ी)। समय नेल्लोर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।