7 सितंबर 2027 को नेल्लोर का चौघड़िया

मंगलवार, 7 सितंबर 2027, नेल्लोर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 7 सितंबर 2027 को नेल्लोर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (11:28 तक), नक्षत्र अनुराधा (16:16 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 05:58 पर और सूर्यास्त 18:17 पर है। राहुकाल 15:12 से 16:45 तक है।

दिन और रात
दिन 05:58 – 18:17
रात 05:58 तक
तिथि
सप्तमी, 11:28 तक
अष्टमी
नक्षत्र
अनुराधा, 16:16 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 सितंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:58 – 07:30टालें
उद्वेग07:30 – 09:03टालें
चर09:03 – 10:35सामान्य
लाभ10:35 – 12:08शुभ
अमृत12:08 – 13:40शुभ
काल13:40 – 15:12टालें
शुभ15:12 – 16:45शुभ
रोग16:45 – 18:17टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:17 – 19:45टालें
लाभ19:45 – 21:12शुभ
उद्वेग21:12 – 22:40टालें
शुभ22:40 – 00:08शुभ
अमृत00:08 – 01:35शुभ
चर01:35 – 03:03सामान्य
रोग03:03 – 04:30टालें
काल04:30 – 05:58टालें

7 सितंबर 2027 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 11:28 तक
शुक्ल अष्टमी 12:44, 8 सित॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 18:17, 8 सित॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 03:36, 8 सित॰ तक
प्रीति 03:55, 9 सित॰ तक
करण
वणिज 11:28 तक
विष्टि (भद्रा) 00:01, 8 सित॰ तक
बव 12:44, 8 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:58
सूर्यास्त
18:17
चंद्रोदय
12:00
चंद्रास्त
23:24
दिनमान
12h 19m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:25 – 05:11
अभिजीत मुहूर्त
11:43 – 12:32

अशुभ समय

राहुकाल
15:12 – 16:45
यमगंड
09:03 – 10:35
गुलिक काल
12:08 – 13:40

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:5807:00दिन
सूर्य07:0008:01दिन
शुक्र08:0109:03दिन
बुध09:0310:04दिन
चंद्र10:0411:06दिन
शनि11:0612:08दिन
गुरु12:0813:09दिन
मंगल13:0914:11दिन
सूर्य14:1115:12दिन
शुक्र15:1216:14दिन
बुध16:1417:16दिन
चंद्र17:1618:17दिन
शनि18:1719:16रात
गुरु19:1620:14रात
मंगल20:1421:12रात
सूर्य21:1222:11रात
शुक्र22:1123:09रात
बुध23:0900:08रात
चंद्र00:0801:06रात
शनि01:0602:04रात
गुरु02:0403:03रात
मंगल03:0304:01रात
सूर्य04:0105:00रात
शुक्र05:0005:58रात

अयनांश 24.2438° (लाहिड़ी)। समय नेल्लोर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।