13 जनवरी 2028 को नेल्लोर का चौघड़िया

गुरुवार, 13 जनवरी 2028, नेल्लोर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 13 जनवरी 2028 को नेल्लोर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (02:39, 14 जन॰ तक), नक्षत्र पुष्य (16:37 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 06:38 पर और सूर्यास्त 17:58 पर है। राहुकाल 13:43 से 15:08 तक है।

दिन और रात
दिन 06:38 – 17:58
रात 06:38 तक
तिथि
द्वितीया, 02:39 तक
तृतीया
नक्षत्र
पुष्य, 16:37 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 जनवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:38 – 08:03शुभ
रोग08:03 – 09:28टालें
उद्वेग09:28 – 10:53टालें
चर10:53 – 12:18सामान्य
लाभ12:18 – 13:43शुभ
अमृत13:43 – 15:08शुभ
काल15:08 – 16:33टालें
शुभ16:33 – 17:58शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:58 – 19:33शुभ
चर19:33 – 21:08सामान्य
रोग21:08 – 22:43टालें
काल22:43 – 00:18टालें
लाभ00:18 – 01:53शुभ
उद्वेग01:53 – 03:28टालें
शुभ03:28 – 05:03शुभ
अमृत05:03 – 06:38शुभ

13 जनवरी 2028 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 02:39, 14 जन॰ तक
कृष्ण तृतीया 23:17, 14 जन॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 16:37 तक
आश्लेषा 13:56, 14 जन॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 13:51 तक
प्रीति 09:47, 14 जन॰ तक
करण
तैतिल 16:23 तक
गर 02:39, 14 जन॰ तक
वणिज 12:57, 14 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:38
सूर्यास्त
17:58
चंद्रोदय
19:22
चंद्रास्त
07:30
दिनमान
11h 21m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:56 – 05:47
अभिजीत मुहूर्त
11:55 – 12:41

अशुभ समय

राहुकाल
13:43 – 15:08
यमगंड
06:38 – 08:03
गुलिक काल
09:28 – 10:53

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:3807:34दिन
मंगल07:3408:31दिन
सूर्य08:3109:28दिन
शुक्र09:2810:25दिन
बुध10:2511:21दिन
चंद्र11:2112:18दिन
शनि12:1813:15दिन
गुरु13:1514:11दिन
मंगल14:1115:08दिन
सूर्य15:0816:05दिन
शुक्र16:0517:02दिन
बुध17:0217:58दिन
चंद्र17:5819:02रात
शनि19:0220:05रात
गुरु20:0521:08रात
मंगल21:0822:12रात
सूर्य22:1223:15रात
शुक्र23:1500:18रात
बुध00:1801:21रात
चंद्र01:2102:25रात
शनि02:2503:28रात
गुरु03:2804:31रात
मंगल04:3105:34रात
सूर्य05:3406:38रात

अयनांश 24.2486° (लाहिड़ी)। समय नेल्लोर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।