19 जनवरी 2028 को नेल्लोर का चौघड़िया

बुधवार, 19 जनवरी 2028, नेल्लोर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 19 जनवरी 2028 को नेल्लोर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (12:29 तक), नक्षत्र स्वाति (05:44, 20 जन॰ तक) और योग धृति है। सूर्योदय 06:38 पर और सूर्यास्त 18:02 पर है। राहुकाल 12:20 से 13:46 तक है।

दिन और रात
दिन 06:38 – 18:02
रात 06:38 तक
तिथि
अष्टमी, 12:29 तक
नवमी
नक्षत्र
स्वाति, 05:44 तक
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 जनवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:38 – 08:04शुभ
अमृत08:04 – 09:29शुभ
काल09:29 – 10:55टालें
शुभ10:55 – 12:20शुभ
रोग12:20 – 13:46टालें
उद्वेग13:46 – 15:11टालें
चर15:11 – 16:36सामान्य
लाभ16:36 – 18:02शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:02 – 19:36टालें
शुभ19:36 – 21:11शुभ
अमृत21:11 – 22:46शुभ
चर22:46 – 00:20सामान्य
रोग00:20 – 01:55टालें
काल01:55 – 03:29टालें
लाभ03:29 – 05:04शुभ
उद्वेग05:04 – 06:38टालें

19 जनवरी 2028 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 12:29 तक
कृष्ण नवमी 12:04, 20 जन॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 05:44, 20 जन॰ तक
विशाखा 06:22, 21 जन॰ तक
योग
धृति 15:24 तक
शूलअशुभ 13:55, 20 जन॰ तक
करण
कौलव 12:29 तक
तैतिल 00:12, 20 जन॰ तक
गर 12:04, 20 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:38
सूर्यास्त
18:02
चंद्रोदय
00:11
चंद्रास्त
11:58
दिनमान
11h 24m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:57 – 05:48
अभिजीत मुहूर्त
11:57 – 12:43 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:20 – 13:46
यमगंड
08:04 – 09:29
गुलिक काल
10:55 – 12:20

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:3807:35दिन
चंद्र07:3508:32दिन
शनि08:3209:29दिन
गुरु09:2910:26दिन
मंगल10:2611:23दिन
सूर्य11:2312:20दिन
शुक्र12:2013:17दिन
बुध13:1714:14दिन
चंद्र14:1415:11दिन
शनि15:1116:08दिन
गुरु16:0817:05दिन
मंगल17:0518:02दिन
सूर्य18:0219:05रात
शुक्र19:0520:08रात
बुध20:0821:11रात
चंद्र21:1122:14रात
शनि22:1423:17रात
गुरु23:1700:20रात
मंगल00:2001:23रात
सूर्य01:2302:26रात
शुक्र02:2603:29रात
बुध03:2904:32रात
चंद्र04:3205:35रात
शनि05:3506:38रात

अयनांश 24.2489° (लाहिड़ी)। समय नेल्लोर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।