4 फ़रवरी 2029 को नेल्लोर का चौघड़िया

रविवार, 4 फ़रवरी 2029, नेल्लोर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 4 फ़रवरी 2029 को नेल्लोर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (18:23 तक), नक्षत्र चित्रा (23:19 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 06:37 पर और सूर्यास्त 18:10 पर है। राहुकाल 16:43 से 18:10 तक है।

दिन और रात
दिन 06:37 – 18:10
रात 06:37 तक
तिथि
षष्ठी, 18:23 तक
सप्तमी
नक्षत्र
चित्रा, 23:19 तक
स्वाति
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 फ़रवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:37 – 08:04टालें
चर08:04 – 09:30सामान्य
लाभ09:30 – 10:57शुभ
अमृत10:57 – 12:24शुभ
काल12:24 – 13:50टालें
शुभ13:50 – 15:17शुभ
रोग15:17 – 16:43टालें
उद्वेग16:43 – 18:10टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:10 – 19:43शुभ
अमृत19:43 – 21:17शुभ
चर21:17 – 22:50सामान्य
रोग22:50 – 00:23टालें
काल00:23 – 01:57टालें
लाभ01:57 – 03:30शुभ
उद्वेग03:30 – 05:03टालें
शुभ05:03 – 06:37शुभ

4 फ़रवरी 2029 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 18:23 तक
कृष्ण सप्तमी 16:15, 5 फ़र॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 23:19 तक
स्वाति 22:00, 5 फ़र॰ तक
योग
शूलअशुभ 01:31, 5 फ़र॰ तक
गंडअशुभ 22:42, 5 फ़र॰ तक
करण
गर 07:36 तक
वणिज 18:23 तक
विष्टि (भद्रा) 05:16, 5 फ़र॰ तक
बव 16:15, 5 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 12:09 तक
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:37
सूर्यास्त
18:10
चंद्रोदय
23:15
चंद्रास्त
10:14
दिनमान
11h 33m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:57 – 05:47
अभिजीत मुहूर्त
12:00 – 12:47

अशुभ समय

राहुकाल
16:43 – 18:10
यमगंड
12:24 – 13:50
गुलिक काल
15:17 – 16:43

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:3707:35दिन
शुक्र07:3508:32दिन
बुध08:3209:30दिन
चंद्र09:3010:28दिन
शनि10:2811:26दिन
गुरु11:2612:24दिन
मंगल12:2413:21दिन
सूर्य13:2114:19दिन
शुक्र14:1915:17दिन
बुध15:1716:15दिन
चंद्र16:1517:12दिन
शनि17:1218:10दिन
गुरु18:1019:12रात
मंगल19:1220:15रात
सूर्य20:1521:17रात
शुक्र21:1722:19रात
बुध22:1923:21रात
चंद्र23:2100:23रात
शनि00:2301:26रात
गुरु01:2602:28रात
मंगल02:2803:30रात
सूर्य03:3004:32रात
शुक्र04:3205:35रात
बुध05:3506:37रात

अयनांश 24.2635° (लाहिड़ी)। समय नेल्लोर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।