6 मई 2000 को नई दिल्ली का चौघड़िया

शनिवार, 6 मई 2000, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 6 मई 2000 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (00:33, 7 मई तक), नक्षत्र रोहिणी (15:50 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 05:36 पर और सूर्यास्त 18:59 पर है। राहुकाल 08:57 से 10:37 तक है।

दिन और रात
दिन 05:36 – 18:59
रात 05:35 तक
तिथि
तृतीया, 00:33 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
रोहिणी, 15:50 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 मई 2000 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:36 – 07:16टालें
शुभ07:16 – 08:57शुभ
रोग08:57 – 10:37टालें
उद्वेग10:37 – 12:17टालें
चर12:17 – 13:58सामान्य
लाभ13:58 – 15:38शुभ
अमृत15:38 – 17:19शुभ
काल17:19 – 18:59टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:59 – 20:18शुभ
उद्वेग20:18 – 21:38टालें
शुभ21:38 – 22:58शुभ
अमृत22:58 – 00:17शुभ
चर00:17 – 01:37सामान्य
रोग01:37 – 02:56टालें
काल02:56 – 04:16टालें
लाभ04:16 – 05:35शुभ

6 मई 2000 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 00:33, 7 मई तक
शुक्ल चतुर्थी 21:34, 7 मई तक
नक्षत्र
रोहिणी 15:50 तक
मृगशिरा 13:35, 7 मई तक
योग
अतिगंडअशुभ 22:27 तक
सुकर्मा 18:53, 7 मई तक
करण
तैतिल 14:05 तक
गर 00:33, 7 मई तक
वणिज 11:02, 7 मई तक
चंद्र राशि
वृषभ 02:41, 7 मई तक
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:36
सूर्यास्त
18:59
चंद्रोदय
07:26
चंद्रास्त
21:27
दिनमान
13h 23m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2057
शक संवत
1922, विक्रम संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:11 – 04:53
अभिजीत मुहूर्त
11:51 – 12:44

अशुभ समय

राहुकाल
08:57 – 10:37
यमगंड
13:58 – 15:38
गुलिक काल
05:36 – 07:16

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:3606:43दिन
गुरु06:4307:50दिन
मंगल07:5008:57दिन
सूर्य08:5710:04दिन
शुक्र10:0411:11दिन
बुध11:1112:17दिन
चंद्र12:1713:24दिन
शनि13:2414:31दिन
गुरु14:3115:38दिन
मंगल15:3816:45दिन
सूर्य16:4517:52दिन
शुक्र17:5218:59दिन
बुध18:5919:52रात
चंद्र19:5220:45रात
शनि20:4521:38रात
गुरु21:3822:31रात
मंगल22:3123:24रात
सूर्य23:2400:17रात
शुक्र00:1701:10रात
बुध01:1002:03रात
चंद्र02:0302:56रात
शनि02:5603:49रात
गुरु03:4904:42रात
मंगल04:4205:35रात

अयनांश 23.8619° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।