30 जून 2000 को नई दिल्ली का चौघड़िया

शुक्रवार, 30 जून 2000, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 30 जून 2000 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (08:10 तक), नक्षत्र रोहिणी (12:17 तक) और योग गंड है। सूर्योदय 05:26 पर और सूर्यास्त 19:22 पर है। राहुकाल 10:40 से 12:24 तक है।

दिन और रात
दिन 05:26 – 19:22
रात 05:26 तक
तिथि
चतुर्दशी, 04:35 तक
नक्षत्र
रोहिणी, 12:17 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 जून 2000 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:26 – 07:11सामान्य
लाभ07:11 – 08:55शुभ
अमृत08:55 – 10:40शुभ
काल10:40 – 12:24टालें
शुभ12:24 – 14:09शुभ
रोग14:09 – 15:53टालें
उद्वेग15:53 – 17:38टालें
चर17:38 – 19:22सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग19:22 – 20:38टालें
काल20:38 – 21:53टालें
लाभ21:53 – 23:09शुभ
उद्वेग23:09 – 00:24टालें
शुभ00:24 – 01:40शुभ
अमृत01:40 – 02:55शुभ
चर02:55 – 04:11सामान्य
रोग04:11 – 05:26टालें

30 जून 2000 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 08:10 तक
कृष्ण चतुर्दशी 04:35, 1 जुल॰ तक
अमावस्या 00:49, 2 जुल॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 12:17 तक
मृगशिरा 09:29, 1 जुल॰ तक
योग
गंडअशुभ 19:54 तक
वृद्धि 15:47, 1 जुल॰ तक
करण
वणिज 08:10 तक
विष्टि (भद्रा) 18:24 तक
शकुनि 04:35, 1 जुल॰ तक
चतुष्पद 14:43, 1 जुल॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 22:55 तक
सूर्य राशिमिथुन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:26
सूर्यास्त
19:22
चंद्रोदय
03:49
चंद्रास्त
17:51
दिनमान
13h 56m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2057
शक संवत
1922, विक्रम संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:06 – 04:46
अभिजीत मुहूर्त
11:56 – 12:52

अशुभ समय

राहुकाल
10:40 – 12:24
यमगंड
15:53 – 17:38
गुलिक काल
07:11 – 08:55

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:2606:36दिन
बुध06:3607:45दिन
चंद्र07:4508:55दिन
शनि08:5510:05दिन
गुरु10:0511:15दिन
मंगल11:1512:24दिन
सूर्य12:2413:34दिन
शुक्र13:3414:44दिन
बुध14:4415:53दिन
चंद्र15:5317:03दिन
शनि17:0318:13दिन
गुरु18:1319:22दिन
मंगल19:2220:13रात
सूर्य20:1321:03रात
शुक्र21:0321:53रात
बुध21:5322:44रात
चंद्र22:4423:34रात
शनि23:3400:24रात
गुरु00:2401:15रात
मंगल01:1502:05रात
सूर्य02:0502:55रात
शुक्र02:5503:46रात
बुध03:4604:36रात
चंद्र04:3605:26रात

अयनांश 23.8640° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।