29 अप्रैल 2002 को नई दिल्ली का चौघड़िया

सोमवार, 29 अप्रैल 2002, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 29 अप्रैल 2002 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (00:39, 30 अप्रैल तक), नक्षत्र अनुराधा (16:32 तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 05:42 पर और सूर्यास्त 18:54 पर है। राहुकाल 07:21 से 09:00 तक है।

दिन और रात
दिन 05:42 – 18:54
रात 05:41 तक
तिथि
तृतीया, 00:39 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
अनुराधा, 16:32 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 अप्रैल 2002 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:42 – 07:21शुभ
काल07:21 – 09:00टालें
शुभ09:00 – 10:39शुभ
रोग10:39 – 12:18टालें
उद्वेग12:18 – 13:57टालें
चर13:57 – 15:36सामान्य
लाभ15:36 – 17:15शुभ
अमृत17:15 – 18:54शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:54 – 20:15सामान्य
रोग20:15 – 21:36टालें
काल21:36 – 22:57टालें
लाभ22:57 – 00:18शुभ
उद्वेग00:18 – 01:39टालें
शुभ01:39 – 02:59शुभ
अमृत02:59 – 04:20शुभ
चर04:20 – 05:41सामान्य

29 अप्रैल 2002 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 00:39, 30 अप्रैल तक
कृष्ण चतुर्थी 23:19, 30 अप्रैल तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 15:40, 30 अप्रैल तक
योग
वरीयान 13:45 तक
परिघअशुभ 11:17, 30 अप्रैल तक
करण
वणिज 13:36 तक
विष्टि (भद्रा) 00:39, 30 अप्रैल तक
बव 11:54, 30 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:42
सूर्यास्त
18:54
चंद्रोदय
21:31
चंद्रास्त
07:20
दिनमान
13h 12m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2059
शक संवत
1924, चित्रभानु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:16 – 04:59
अभिजीत मुहूर्त
11:52 – 12:45

अशुभ समय

राहुकाल
07:21 – 09:00
यमगंड
10:39 – 12:18
गुलिक काल
13:57 – 15:36

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:4206:48दिन
शनि06:4807:54दिन
गुरु07:5409:00दिन
मंगल09:0010:06दिन
सूर्य10:0611:12दिन
शुक्र11:1212:18दिन
बुध12:1813:24दिन
चंद्र13:2414:30दिन
शनि14:3015:36दिन
गुरु15:3616:42दिन
मंगल16:4217:48दिन
सूर्य17:4818:54दिन
शुक्र18:5419:48रात
बुध19:4820:42रात
चंद्र20:4221:36रात
शनि21:3622:30रात
गुरु22:3023:24रात
मंगल23:2400:18रात
सूर्य00:1801:12रात
शुक्र01:1202:06रात
बुध02:0602:59रात
चंद्र02:5903:53रात
शनि03:5304:47रात
गुरु04:4705:41रात

अयनांश 23.8895° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।