23 जून 2002 को नई दिल्ली का चौघड़िया

रविवार, 23 जून 2002, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 23 जून 2002 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (05:55 तक), नक्षत्र अनुराधा (11:24 तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 05:24 पर और सूर्यास्त 19:22 पर है। राहुकाल 17:37 से 19:22 तक है।

दिन और रात
दिन 05:24 – 19:22
रात 05:24 तक
तिथि
चतुर्दशी, 04:22 तक
नक्षत्र
अनुराधा, 11:24 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 जून 2002 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:24 – 07:09टालें
चर07:09 – 08:53सामान्य
लाभ08:53 – 10:38शुभ
अमृत10:38 – 12:23शुभ
काल12:23 – 14:08टालें
शुभ14:08 – 15:52शुभ
रोग15:52 – 17:37टालें
उद्वेग17:37 – 19:22टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ19:22 – 20:37शुभ
अमृत20:37 – 21:52शुभ
चर21:52 – 23:08सामान्य
रोग23:08 – 00:23टालें
काल00:23 – 01:38टालें
लाभ01:38 – 02:53शुभ
उद्वेग02:53 – 04:09टालें
शुभ04:09 – 05:24शुभ

23 जून 2002 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 05:55 तक
शुक्ल चतुर्दशी 04:22, 24 जून तक
पूर्णिमा 03:12, 25 जून तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 10:42, 24 जून तक
योग
साध्य 09:41 तक
शुभ 07:26, 24 जून तक
करण
तैतिल 05:55 तक
गर 17:06 तक
वणिज 04:22, 24 जून तक
विष्टि (भद्रा) 15:44, 24 जून तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमिथुन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:24
सूर्यास्त
19:22
चंद्रोदय
17:59
चंद्रास्त
03:48
दिनमान
13h 58m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2059
शक संवत
1924, चित्रभानु संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:03 – 04:44
अभिजीत मुहूर्त
11:55 – 12:51

अशुभ समय

राहुकाल
17:37 – 19:22
यमगंड
12:23 – 14:08
गुलिक काल
15:52 – 17:37

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:2406:34दिन
शुक्र06:3407:43दिन
बुध07:4308:53दिन
चंद्र08:5310:03दिन
शनि10:0311:13दिन
गुरु11:1312:23दिन
मंगल12:2313:33दिन
सूर्य13:3314:42दिन
शुक्र14:4215:52दिन
बुध15:5217:02दिन
चंद्र17:0218:12दिन
शनि18:1219:22दिन
गुरु19:2220:12रात
मंगल20:1221:02रात
सूर्य21:0221:52रात
शुक्र21:5222:43रात
बुध22:4323:33रात
चंद्र23:3300:23रात
शनि00:2301:13रात
गुरु01:1302:03रात
मंगल02:0302:53रात
सूर्य02:5303:44रात
शुक्र03:4404:34रात
बुध04:3405:24रात

अयनांश 23.8916° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।