15 जनवरी 2003 को नई दिल्ली का चौघड़िया

बुधवार, 15 जनवरी 2003, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 15 जनवरी 2003 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (16:21 तक), नक्षत्र रोहिणी (13:13 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 07:15 पर और सूर्यास्त 17:45 पर है। राहुकाल 12:30 से 13:49 तक है।

दिन और रात
दिन 07:15 – 17:45
रात 07:14 तक
तिथि
द्वादशी, 16:21 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
रोहिणी, 13:13 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

15 जनवरी 2003 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ07:15 – 08:33शुभ
अमृत08:33 – 09:52शुभ
काल09:52 – 11:11टालें
शुभ11:11 – 12:30शुभ
रोग12:30 – 13:49टालें
उद्वेग13:49 – 15:08टालें
चर15:08 – 16:27सामान्य
लाभ16:27 – 17:45शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:45 – 19:27टालें
शुभ19:27 – 21:08शुभ
अमृत21:08 – 22:49शुभ
चर22:49 – 00:30सामान्य
रोग00:30 – 02:11टालें
काल02:11 – 03:52टालें
लाभ03:52 – 05:33शुभ
उद्वेग05:33 – 07:14टालें

15 जनवरी 2003 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 16:21 तक
शुक्ल त्रयोदशी 17:00, 16 जन॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 13:13 तक
मृगशिरा 14:28, 16 जन॰ तक
योग
ब्रह्म 05:21, 16 जन॰ तक
इंद्र 04:23, 17 जन॰ तक
करण
बालव 16:21 तक
कौलव 04:46, 16 जन॰ तक
तैतिल 17:00, 16 जन॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 01:56, 16 जन॰ तक
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:15
सूर्यास्त
17:45
चंद्रोदय
14:56
चंद्रास्त
04:22
दिनमान
10h 31m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2059
शक संवत
1924, चित्रभानु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:27 – 06:21
अभिजीत मुहूर्त
12:09 – 12:51 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:30 – 13:49
यमगंड
08:33 – 09:52
गुलिक काल
11:11 – 12:30

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध07:1508:07दिन
चंद्र08:0709:00दिन
शनि09:0009:52दिन
गुरु09:5210:45दिन
मंगल10:4511:37दिन
सूर्य11:3712:30दिन
शुक्र12:3013:23दिन
बुध13:2314:15दिन
चंद्र14:1515:08दिन
शनि15:0816:00दिन
गुरु16:0016:53दिन
मंगल16:5317:45दिन
सूर्य17:4518:53रात
शुक्र18:5320:00रात
बुध20:0021:08रात
चंद्र21:0822:15रात
शनि22:1523:23रात
गुरु23:2300:30रात
मंगल00:3001:37रात
सूर्य01:3702:45रात
शुक्र02:4503:52रात
बुध03:5205:00रात
चंद्र05:0006:07रात
शनि06:0707:14रात

अयनांश 23.8995° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।