29 मार्च 2003 को नई दिल्ली का चौघड़िया

शनिवार, 29 मार्च 2003, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 29 मार्च 2003 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (19:41 तक), नक्षत्र धनिष्ठा (16:00 तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 06:15 पर और सूर्यास्त 18:37 पर है। राहुकाल 09:20 से 10:53 तक है।

दिन और रात
दिन 06:15 – 18:37
रात 06:14 तक
तिथि
द्वादशी, 19:41 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
धनिष्ठा, 16:00 तक
शतभिषा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 मार्च 2003 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:15 – 07:48टालें
शुभ07:48 – 09:20शुभ
रोग09:20 – 10:53टालें
उद्वेग10:53 – 12:26टालें
चर12:26 – 13:59सामान्य
लाभ13:59 – 15:31शुभ
अमृत15:31 – 17:04शुभ
काल17:04 – 18:37टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:37 – 20:04शुभ
उद्वेग20:04 – 21:31टालें
शुभ21:31 – 22:58शुभ
अमृत22:58 – 00:25शुभ
चर00:25 – 01:52सामान्य
रोग01:52 – 03:20टालें
काल03:20 – 04:47टालें
लाभ04:47 – 06:14शुभ

29 मार्च 2003 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 19:41 तक
कृष्ण त्रयोदशी 21:01, 30 मार्च तक
नक्षत्र
शतभिषा 17:51, 30 मार्च तक
योग
साध्य 20:01 तक
शुभ 19:59, 30 मार्च तक
करण
कौलव 07:10 तक
तैतिल 19:41 तक
गर 08:18, 30 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:15
सूर्यास्त
18:37
चंद्रोदय
04:33
चंद्रास्त
15:35
दिनमान
12h 22m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2059
शक संवत
1924, चित्रभानु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:42 – 05:28
अभिजीत मुहूर्त
12:01 – 12:51

अशुभ समय

राहुकाल
09:20 – 10:53
यमगंड
13:59 – 15:31
गुलिक काल
06:15 – 07:48

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:1507:17दिन
गुरु07:1708:19दिन
मंगल08:1909:20दिन
सूर्य09:2010:22दिन
शुक्र10:2211:24दिन
बुध11:2412:26दिन
चंद्र12:2613:28दिन
शनि13:2814:29दिन
गुरु14:2915:31दिन
मंगल15:3116:33दिन
सूर्य16:3317:35दिन
शुक्र17:3518:37दिन
बुध18:3719:35रात
चंद्र19:3520:33रात
शनि20:3321:31रात
गुरु21:3122:29रात
मंगल22:2923:27रात
सूर्य23:2700:25रात
शुक्र00:2501:23रात
बुध01:2302:21रात
चंद्र02:2103:20रात
शनि03:2004:18रात
गुरु04:1805:16रात
मंगल05:1606:14रात

अयनांश 23.9023° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।