10 जुलाई 2003 को नई दिल्ली का चौघड़िया

गुरुवार, 10 जुलाई 2003, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 10 जुलाई 2003 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (11:39 तक), नक्षत्र विशाखा (07:43 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 05:30 पर और सूर्यास्त 19:22 पर है। राहुकाल 14:10 से 15:54 तक है।

दिन और रात
दिन 05:30 – 19:22
रात 05:30 तक
तिथि
एकादशी, 11:39 तक
द्वादशी
नक्षत्र
अनुराधा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 जुलाई 2003 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:30 – 07:14शुभ
रोग07:14 – 08:58टालें
उद्वेग08:58 – 10:42टालें
चर10:42 – 12:26सामान्य
लाभ12:26 – 14:10शुभ
अमृत14:10 – 15:54शुभ
काल15:54 – 17:38टालें
शुभ17:38 – 19:22शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत19:22 – 20:38शुभ
चर20:38 – 21:54सामान्य
रोग21:54 – 23:10टालें
काल23:10 – 00:26टालें
लाभ00:26 – 01:42शुभ
उद्वेग01:42 – 02:58टालें
शुभ02:58 – 04:14शुभ
अमृत04:14 – 05:30शुभ

10 जुलाई 2003 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 11:39 तक
शुक्ल द्वादशी 08:51, 11 जुल॰ तक
नक्षत्र
विशाखा 07:43 तक
अनुराधा 05:45, 11 जुल॰ तक
योग
शुभ 22:55 तक
शुक्ल 19:33, 11 जुल॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 11:39 तक
बव 22:15 तक
बालव 08:51, 11 जुल॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमिथुन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:30
सूर्यास्त
19:22
चंद्रोदय
15:58
चंद्रास्त
01:55
दिनमान
13h 52m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2060
शक संवत
1925, स्वभानु संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:09 – 04:49
अभिजीत मुहूर्त
11:58 – 12:54

अशुभ समय

राहुकाल
14:10 – 15:54
यमगंड
05:30 – 07:14
गुलिक काल
08:58 – 10:42

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:3006:39दिन
मंगल06:3907:49दिन
सूर्य07:4908:58दिन
शुक्र08:5810:07दिन
बुध10:0711:17दिन
चंद्र11:1712:26दिन
शनि12:2613:35दिन
गुरु13:3514:44दिन
मंगल14:4415:54दिन
सूर्य15:5417:03दिन
शुक्र17:0318:12दिन
बुध18:1219:22दिन
चंद्र19:2220:12रात
शनि20:1221:03रात
गुरु21:0321:54रात
मंगल21:5422:45रात
सूर्य22:4523:35रात
शुक्र23:3500:26रात
बुध00:2601:17रात
चंद्र01:1702:08रात
शनि02:0802:58रात
गुरु02:5803:49रात
मंगल03:4904:40रात
सूर्य04:4005:30रात

अयनांश 23.9062° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।