18 जुलाई 2004 को नई दिल्ली का चौघड़िया

रविवार, 18 जुलाई 2004, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 18 जुलाई 2004 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (18:44 तक), नक्षत्र पुष्य (23:22 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 05:34 पर और सूर्यास्त 19:19 पर है। राहुकाल 17:36 से 19:19 तक है।

दिन और रात
दिन 05:34 – 19:19
रात 05:35 तक
तिथि
प्रतिपदा, 18:44 तक
द्वितीया
नक्षत्र
पुष्य, 23:22 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 जुलाई 2004 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:34 – 07:17टालें
चर07:17 – 09:01सामान्य
लाभ09:01 – 10:44शुभ
अमृत10:44 – 12:27शुभ
काल12:27 – 14:10टालें
शुभ14:10 – 15:53शुभ
रोग15:53 – 17:36टालें
उद्वेग17:36 – 19:19टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ19:19 – 20:36शुभ
अमृत20:36 – 21:53शुभ
चर21:53 – 23:10सामान्य
रोग23:10 – 00:27टालें
काल00:27 – 01:44टालें
लाभ01:44 – 03:01शुभ
उद्वेग03:01 – 04:18टालें
शुभ04:18 – 05:35शुभ

18 जुलाई 2004 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 18:44 तक
शुक्ल द्वितीया 20:15, 19 जुल॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 23:22 तक
आश्लेषा 01:26, 20 जुल॰ तक
योग
वज्रअशुभ 00:53, 19 जुल॰ तक
सिद्धि 01:04, 20 जुल॰ तक
करण
किंस्तुघ्न 05:51 तक
बव 18:44 तक
बालव 07:32, 19 जुल॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकर्क
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:34
सूर्यास्त
19:19
चंद्रोदय
06:00
चंद्रास्त
20:18
दिनमान
13h 45m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
अधिक श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
अधिक श्रावण
विक्रम संवत
2061
शक संवत
1926, तारण संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:12 – 04:53
अभिजीत मुहूर्त
11:59 – 12:54

अशुभ समय

राहुकाल
17:36 – 19:19
यमगंड
12:27 – 14:10
गुलिक काल
15:53 – 17:36

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:3406:43दिन
शुक्र06:4307:52दिन
बुध07:5209:01दिन
चंद्र09:0110:09दिन
शनि10:0911:18दिन
गुरु11:1812:27दिन
मंगल12:2713:35दिन
सूर्य13:3514:44दिन
शुक्र14:4415:53दिन
बुध15:5317:02दिन
चंद्र17:0218:10दिन
शनि18:1019:19दिन
गुरु19:1920:10रात
मंगल20:1021:02रात
सूर्य21:0221:53रात
शुक्र21:5322:44रात
बुध22:4423:36रात
चंद्र23:3600:27रात
शनि00:2701:18रात
गुरु01:1802:10रात
मंगल02:1003:01रात
सूर्य03:0103:52रात
शुक्र03:5204:44रात
बुध04:4405:35रात

अयनांश 23.9205° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।