29 जनवरी 2011 को नई दिल्ली का चौघड़िया

शनिवार, 29 जनवरी 2011, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 29 जनवरी 2011 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (04:00, 30 जन॰ तक), नक्षत्र अनुराधा (07:46 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 07:11 पर और सूर्यास्त 17:57 पर है। राहुकाल 09:52 से 11:13 तक है।

दिन और रात
दिन 07:11 – 17:57
रात 07:10 तक
तिथि
एकादशी, 04:00 तक
द्वादशी
नक्षत्र
ज्येष्ठा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 जनवरी 2011 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल07:11 – 08:31टालें
शुभ08:31 – 09:52शुभ
रोग09:52 – 11:13टालें
उद्वेग11:13 – 12:34टालें
चर12:34 – 13:55सामान्य
लाभ13:55 – 15:15शुभ
अमृत15:15 – 16:36शुभ
काल16:36 – 17:57टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:57 – 19:36शुभ
उद्वेग19:36 – 21:15टालें
शुभ21:15 – 22:54शुभ
अमृत22:54 – 00:34शुभ
चर00:34 – 02:13सामान्य
रोग02:13 – 03:52टालें
काल03:52 – 05:31टालें
लाभ05:31 – 07:10शुभ

29 जनवरी 2011 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 04:00, 30 जन॰ तक
कृष्ण द्वादशी 04:24, 31 जन॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 08:22, 30 जन॰ तक
योग
ध्रुव 22:20 तक
व्याघातअशुभ 21:22, 30 जन॰ तक
करण
बव 15:59 तक
बालव 04:00, 30 जन॰ तक
कौलव 16:09, 30 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:11
सूर्यास्त
17:57
चंद्रोदय
03:10
चंद्रास्त
13:40
दिनमान
10h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2067
शक संवत
1932, विकृति संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:25 – 06:18
अभिजीत मुहूर्त
12:12 – 12:55

अशुभ समय

राहुकाल
09:52 – 11:13
यमगंड
13:55 – 15:15
गुलिक काल
07:11 – 08:31

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि07:1108:04दिन
गुरु08:0408:58दिन
मंगल08:5809:52दिन
सूर्य09:5210:46दिन
शुक्र10:4611:40दिन
बुध11:4012:34दिन
चंद्र12:3413:28दिन
शनि13:2814:22दिन
गुरु14:2215:15दिन
मंगल15:1516:09दिन
सूर्य16:0917:03दिन
शुक्र17:0317:57दिन
बुध17:5719:03रात
चंद्र19:0320:09रात
शनि20:0921:15रात
गुरु21:1522:21रात
मंगल22:2123:28रात
सूर्य23:2800:34रात
शुक्र00:3401:40रात
बुध01:4002:46रात
चंद्र02:4603:52रात
शनि03:5204:58रात
गुरु04:5806:04रात
मंगल06:0407:10रात

अयनांश 24.0118° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।