7 जून 2011 को नई दिल्ली का चौघड़िया

मंगलवार, 7 जून 2011, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 7 जून 2011 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (22:41 तक), नक्षत्र आश्लेषा (14:43 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 05:22 पर और सूर्यास्त 19:17 पर है। राहुकाल 15:48 से 17:32 तक है।

दिन और रात
दिन 05:22 – 19:17
रात 05:22 तक
तिथि
षष्ठी, 22:41 तक
सप्तमी
नक्षत्र
आश्लेषा, 14:43 तक
मघा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 जून 2011 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:22 – 07:07टालें
उद्वेग07:07 – 08:51टालें
चर08:51 – 10:35सामान्य
लाभ10:35 – 12:20शुभ
अमृत12:20 – 14:04शुभ
काल14:04 – 15:48टालें
शुभ15:48 – 17:32शुभ
रोग17:32 – 19:17टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल19:17 – 20:32टालें
लाभ20:32 – 21:48शुभ
उद्वेग21:48 – 23:04टालें
शुभ23:04 – 00:19शुभ
अमृत00:19 – 01:35शुभ
चर01:35 – 02:51सामान्य
रोग02:51 – 04:07टालें
काल04:07 – 05:22टालें

7 जून 2011 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 22:41 तक
शुक्ल सप्तमी 20:44, 8 जून तक
नक्षत्र
मघा 13:40, 8 जून तक
योग
व्याघातअशुभ 16:25 तक
हर्षण 13:52, 8 जून तक
करण
कौलव 11:32 तक
तैतिल 22:41 तक
गर 09:45, 8 जून तक
चंद्र राशि
कर्क 14:43 तक
सूर्य राशिवृषभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:22
सूर्यास्त
19:17
चंद्रोदय
10:28
चंद्रास्त
23:31
दिनमान
13h 54m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2068
शक संवत
1933, खर संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:02 – 04:42
अभिजीत मुहूर्त
11:52 – 12:47

अशुभ समय

राहुकाल
15:48 – 17:32
यमगंड
08:51 – 10:35
गुलिक काल
12:20 – 14:04

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:2206:32दिन
सूर्य06:3207:41दिन
शुक्र07:4108:51दिन
बुध08:5110:00दिन
चंद्र10:0011:10दिन
शनि11:1012:20दिन
गुरु12:2013:29दिन
मंगल13:2914:39दिन
सूर्य14:3915:48दिन
शुक्र15:4816:58दिन
बुध16:5818:07दिन
चंद्र18:0719:17दिन
शनि19:1720:07रात
गुरु20:0720:58रात
मंगल20:5821:48रात
सूर्य21:4822:39रात
शुक्र22:3923:29रात
बुध23:2900:19रात
चंद्र00:1901:10रात
शनि01:1002:00रात
गुरु02:0002:51रात
मंगल02:5103:41रात
सूर्य03:4104:32रात
शुक्र04:3205:22रात

अयनांश 24.0167° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।