1 दिसंबर 2011 को नई दिल्ली का चौघड़िया

गुरुवार, 1 दिसंबर 2011, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 1 दिसंबर 2011 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (02:39, 2 दिस॰ तक), नक्षत्र धनिष्ठा (21:35 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 06:55 पर और सूर्यास्त 17:23 पर है। राहुकाल 13:28 से 14:46 तक है।

दिन और रात
दिन 06:55 – 17:23
रात 06:56 तक
तिथि
सप्तमी, 02:39 तक
अष्टमी
नक्षत्र
धनिष्ठा, 21:35 तक
शतभिषा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 दिसंबर 2011 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:55 – 08:14शुभ
रोग08:14 – 09:32टालें
उद्वेग09:32 – 10:51टालें
चर10:51 – 12:09सामान्य
लाभ12:09 – 13:28शुभ
अमृत13:28 – 14:46शुभ
काल14:46 – 16:05टालें
शुभ16:05 – 17:23शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:23 – 19:05शुभ
चर19:05 – 20:47सामान्य
रोग20:47 – 22:28टालें
काल22:28 – 00:10टालें
लाभ00:10 – 01:51शुभ
उद्वेग01:51 – 03:33टालें
शुभ03:33 – 05:15शुभ
अमृत05:15 – 06:56शुभ

1 दिसंबर 2011 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 02:39, 2 दिस॰ तक
शुक्ल अष्टमी 04:14, 3 दिस॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 23:33, 2 दिस॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 00:24, 2 दिस॰ तक
हर्षण 00:26, 3 दिस॰ तक
करण
गर 14:06 तक
वणिज 02:39, 2 दिस॰ तक
विष्टि (भद्रा) 15:22, 2 दिस॰ तक
चंद्र राशि
मकर 08:51 तक
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:55
सूर्यास्त
17:23
चंद्रोदय
11:45
चंद्रास्त
23:33
दिनमान
10h 28m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2068
शक संवत
1933, खर संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:07 – 06:01
अभिजीत मुहूर्त
11:48 – 12:30

अशुभ समय

राहुकाल
13:28 – 14:46
यमगंड
06:55 – 08:14
गुलिक काल
09:32 – 10:51

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:5507:48दिन
मंगल07:4808:40दिन
सूर्य08:4009:32दिन
शुक्र09:3210:25दिन
बुध10:2511:17दिन
चंद्र11:1712:09दिन
शनि12:0913:02दिन
गुरु13:0213:54दिन
मंगल13:5414:46दिन
सूर्य14:4615:39दिन
शुक्र15:3916:31दिन
बुध16:3117:23दिन
चंद्र17:2318:31रात
शनि18:3119:39रात
गुरु19:3920:47रात
मंगल20:4721:54रात
सूर्य21:5423:02रात
शुक्र23:0200:10रात
बुध00:1001:18रात
चंद्र01:1802:25रात
शनि02:2503:33रात
गुरु03:3304:41रात
मंगल04:4105:48रात
सूर्य05:4806:56रात

अयनांश 24.0235° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।