9 जून 2012 को नई दिल्ली का चौघड़िया

शनिवार, 9 जून 2012, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 9 जून 2012 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (03:31, 10 जून तक), नक्षत्र धनिष्ठा (02:09, 10 जून तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 05:22 पर और सूर्यास्त 19:18 पर है। राहुकाल 08:51 से 10:36 तक है।

दिन और रात
दिन 05:22 – 19:18
रात 05:22 तक
तिथि
षष्ठी, 03:31 तक
सप्तमी
नक्षत्र
धनिष्ठा, 02:09 तक
शतभिषा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

9 जून 2012 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:22 – 07:07टालें
शुभ07:07 – 08:51शुभ
रोग08:51 – 10:36टालें
उद्वेग10:36 – 12:20टालें
चर12:20 – 14:04सामान्य
लाभ14:04 – 15:49शुभ
अमृत15:49 – 17:33शुभ
काल17:33 – 19:18टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ19:18 – 20:33शुभ
उद्वेग20:33 – 21:49टालें
शुभ21:49 – 23:04शुभ
अमृत23:04 – 00:20शुभ
चर00:20 – 01:36सामान्य
रोग01:36 – 02:51टालें
काल02:51 – 04:07टालें
लाभ04:07 – 05:22शुभ

9 जून 2012 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 03:31, 10 जून तक
कृष्ण सप्तमी 03:46, 11 जून तक
नक्षत्र
धनिष्ठा 02:09, 10 जून तक
शतभिषा 03:03, 11 जून तक
योग
वैधृतिअशुभ 22:41 तक
विष्कंभअशुभ 21:45, 10 जून तक
करण
गर 15:41 तक
वणिज 03:31, 10 जून तक
विष्टि (भद्रा) 15:32, 10 जून तक
चंद्र राशि
मकर 13:59 तक
सूर्य राशिवृषभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:22
सूर्यास्त
19:18
चंद्रोदय
23:20
चंद्रास्त
10:18
दिनमान
13h 55m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2069
शक संवत
1934, नंदन संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:02 – 04:42
अभिजीत मुहूर्त
11:52 – 12:48

अशुभ समय

राहुकाल
08:51 – 10:36
यमगंड
14:04 – 15:49
गुलिक काल
05:22 – 07:07

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:2206:32दिन
गुरु06:3207:42दिन
मंगल07:4208:51दिन
सूर्य08:5110:01दिन
शुक्र10:0111:10दिन
बुध11:1012:20दिन
चंद्र12:2013:30दिन
शनि13:3014:39दिन
गुरु14:3915:49दिन
मंगल15:4916:58दिन
सूर्य16:5818:08दिन
शुक्र18:0819:18दिन
बुध19:1820:08रात
चंद्र20:0820:58रात
शनि20:5821:49रात
गुरु21:4922:39रात
मंगल22:3923:30रात
सूर्य23:3000:20रात
शुक्र00:2001:10रात
बुध01:1002:01रात
चंद्र02:0102:51रात
शनि02:5103:41रात
गुरु03:4104:32रात
मंगल04:3205:22रात

अयनांश 24.0308° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।