28 जून 2012 को नई दिल्ली का चौघड़िया

गुरुवार, 28 जून 2012, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 28 जून 2012 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (17:59 तक), नक्षत्र चित्रा (03:12, 29 जून तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 05:25 पर और सूर्यास्त 19:22 पर है। राहुकाल 14:09 से 15:53 तक है।

दिन और रात
दिन 05:25 – 19:22
रात 05:26 तक
तिथि
नवमी, 17:59 तक
दशमी
नक्षत्र
चित्रा, 03:12 तक
स्वाति
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 जून 2012 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:25 – 07:10शुभ
रोग07:10 – 08:55टालें
उद्वेग08:55 – 10:39टालें
चर10:39 – 12:24सामान्य
लाभ12:24 – 14:09शुभ
अमृत14:09 – 15:53शुभ
काल15:53 – 17:38टालें
शुभ17:38 – 19:22शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत19:22 – 20:38शुभ
चर20:38 – 21:53सामान्य
रोग21:53 – 23:09टालें
काल23:09 – 00:24टालें
लाभ00:24 – 01:40शुभ
उद्वेग01:40 – 02:55टालें
शुभ02:55 – 04:10शुभ
अमृत04:10 – 05:26शुभ

28 जून 2012 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल नवमी 17:59 तक
शुक्ल दशमी 15:29, 29 जून तक
नक्षत्र
चित्रा 03:12, 29 जून तक
स्वाति 01:22, 30 जून तक
योग
परिघअशुभ 16:23 तक
शिव 13:19, 29 जून तक
करण
बालव 07:05 तक
कौलव 17:59 तक
तैतिल 04:46, 29 जून तक
गर 15:29, 29 जून तक
चंद्र राशि
कन्या 16:00 तक
सूर्य राशिमिथुन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:25
सूर्यास्त
19:22
चंद्रोदय
13:39
चंद्रास्त
00:22
दिनमान
13h 57m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2069
शक संवत
1934, नंदन संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:05 – 04:45
अभिजीत मुहूर्त
11:56 – 12:52

अशुभ समय

राहुकाल
14:09 – 15:53
यमगंड
05:25 – 07:10
गुलिक काल
08:55 – 10:39

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:2506:35दिन
मंगल06:3507:45दिन
सूर्य07:4508:55दिन
शुक्र08:5510:04दिन
बुध10:0411:14दिन
चंद्र11:1412:24दिन
शनि12:2413:34दिन
गुरु13:3414:43दिन
मंगल14:4315:53दिन
सूर्य15:5317:03दिन
शुक्र17:0318:13दिन
बुध18:1319:22दिन
चंद्र19:2220:13रात
शनि20:1321:03रात
गुरु21:0321:53रात
मंगल21:5322:44रात
सूर्य22:4423:34रात
शुक्र23:3400:24रात
बुध00:2401:14रात
चंद्र01:1402:05रात
शनि02:0502:55रात
गुरु02:5503:45रात
मंगल03:4504:35रात
सूर्य04:3505:26रात

अयनांश 24.0315° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।