26 दिसंबर 2012 को नई दिल्ली का चौघड़िया

बुधवार, 26 दिसंबर 2012, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 26 दिसंबर 2012 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (10:48 तक), नक्षत्र रोहिणी (00:04, 27 दिस॰ तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 07:11 पर और सूर्यास्त 17:31 पर है। राहुकाल 12:21 से 13:39 तक है।

दिन और रात
दिन 07:11 – 17:31
रात 07:12 तक
तिथि
त्रयोदशी, 10:48 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
रोहिणी, 00:04 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 दिसंबर 2012 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ07:11 – 08:29शुभ
अमृत08:29 – 09:46शुभ
काल09:46 – 11:04टालें
शुभ11:04 – 12:21शुभ
रोग12:21 – 13:39टालें
उद्वेग13:39 – 14:56टालें
चर14:56 – 16:14सामान्य
लाभ16:14 – 17:31शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:31 – 19:14टालें
शुभ19:14 – 20:56शुभ
अमृत20:56 – 22:39शुभ
चर22:39 – 00:22सामान्य
रोग00:22 – 02:04टालें
काल02:04 – 03:47टालें
लाभ03:47 – 05:29शुभ
उद्वेग05:29 – 07:12टालें

26 दिसंबर 2012 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 10:48 तक
शुक्ल चतुर्दशी 13:26, 27 दिस॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 00:04, 27 दिस॰ तक
मृगशिरा 03:02, 28 दिस॰ तक
योग
शुभ 03:45, 27 दिस॰ तक
शुक्ल 04:33, 28 दिस॰ तक
करण
तैतिल 10:48 तक
गर 00:08, 27 दिस॰ तक
वणिज 13:26, 27 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:11
सूर्यास्त
17:31
चंद्रोदय
16:01
चंद्रास्त
05:14
दिनमान
10h 20m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2069
शक संवत
1934, नंदन संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:22 – 06:17
अभिजीत मुहूर्त
12:01 – 12:42 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:21 – 13:39
यमगंड
08:29 – 09:46
गुलिक काल
11:04 – 12:21

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध07:1108:03दिन
चंद्र08:0308:55दिन
शनि08:5509:46दिन
गुरु09:4610:38दिन
मंगल10:3811:30दिन
सूर्य11:3012:21दिन
शुक्र12:2113:13दिन
बुध13:1314:05दिन
चंद्र14:0514:56दिन
शनि14:5615:48दिन
गुरु15:4816:40दिन
मंगल16:4017:31दिन
सूर्य17:3118:40रात
शुक्र18:4019:48रात
बुध19:4820:56रात
चंद्र20:5622:05रात
शनि22:0523:13रात
गुरु23:1300:22रात
मंगल00:2201:30रात
सूर्य01:3002:38रात
शुक्र02:3803:47रात
बुध03:4704:55रात
चंद्र04:5506:03रात
शनि06:0307:12रात

अयनांश 24.0384° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।