28 मई 2016 को नई दिल्ली का चौघड़िया

शनिवार, 28 मई 2016, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 28 मई 2016 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (07:08 तक), नक्षत्र धनिष्ठा (03:56, 29 मई तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 05:24 पर और सूर्यास्त 19:12 पर है। राहुकाल 08:51 से 10:35 तक है।

दिन और रात
दिन 05:24 – 19:12
रात 05:24 तक
तिथि
सप्तमी
नक्षत्र
धनिष्ठा, 03:56 तक
शतभिषा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 मई 2016 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:24 – 07:08टालें
शुभ07:08 – 08:51शुभ
रोग08:51 – 10:35टालें
उद्वेग10:35 – 12:18टालें
चर12:18 – 14:02सामान्य
लाभ14:02 – 15:45शुभ
अमृत15:45 – 17:29शुभ
काल17:29 – 19:12टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ19:12 – 20:28शुभ
उद्वेग20:28 – 21:45टालें
शुभ21:45 – 23:01शुभ
अमृत23:01 – 00:18शुभ
चर00:18 – 01:34सामान्य
रोग01:34 – 02:51टालें
काल02:51 – 04:07टालें
लाभ04:07 – 05:24शुभ

28 मई 2016 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 07:08 तक
कृष्ण सप्तमी 06:18, 29 मई तक
नक्षत्र
धनिष्ठा 03:56, 29 मई तक
शतभिषा 03:22, 30 मई तक
योग
इंद्र 21:25 तक
वैधृतिअशुभ 19:27, 29 मई तक
करण
वणिज 07:08 तक
विष्टि (भद्रा) 18:47 तक
बव 06:18, 29 मई तक
चंद्र राशि
मकर 16:01 तक
सूर्य राशिवृषभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:24
सूर्यास्त
19:12
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
11:00
दिनमान
13h 48m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2073
शक संवत
1938, दुर्मुख संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:02 – 04:43
अभिजीत मुहूर्त
11:50 – 12:46

अशुभ समय

राहुकाल
08:51 – 10:35
यमगंड
14:02 – 15:45
गुलिक काल
05:24 – 07:08

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:2406:33दिन
गुरु06:3307:42दिन
मंगल07:4208:51दिन
सूर्य08:5110:00दिन
शुक्र10:0011:09दिन
बुध11:0912:18दिन
चंद्र12:1813:27दिन
शनि13:2714:36दिन
गुरु14:3615:45दिन
मंगल15:4516:54दिन
सूर्य16:5418:03दिन
शुक्र18:0319:12दिन
बुध19:1220:03रात
चंद्र20:0320:54रात
शनि20:5421:45रात
गुरु21:4522:36रात
मंगल22:3623:27रात
सूर्य23:2700:18रात
शुक्र00:1801:09रात
बुध01:0902:00रात
चंद्र02:0002:51रात
शनि02:5103:42रात
गुरु03:4204:33रात
मंगल04:3305:24रात

अयनांश 24.0862° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।