12 जुलाई 2017 को नई दिल्ली का चौघड़िया

बुधवार, 12 जुलाई 2017, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 12 जुलाई 2017 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (14:04 तक), नक्षत्र धनिष्ठा (22:49 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 05:31 पर और सूर्यास्त 19:21 पर है। राहुकाल 12:26 से 14:10 तक है।

दिन और रात
दिन 05:31 – 19:21
रात 05:32 तक
तिथि
तृतीया, 14:04 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
धनिष्ठा, 22:49 तक
शतभिषा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 जुलाई 2017 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:31 – 07:15शुभ
अमृत07:15 – 08:59शुभ
काल08:59 – 10:42टालें
शुभ10:42 – 12:26शुभ
रोग12:26 – 14:10टालें
उद्वेग14:10 – 15:54टालें
चर15:54 – 17:37सामान्य
लाभ17:37 – 19:21शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग19:21 – 20:37टालें
शुभ20:37 – 21:54शुभ
अमृत21:54 – 23:10शुभ
चर23:10 – 00:26सामान्य
रोग00:26 – 01:43टालें
काल01:43 – 02:59टालें
लाभ02:59 – 04:15शुभ
उद्वेग04:15 – 05:32टालें

12 जुलाई 2017 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 14:04 तक
कृष्ण चतुर्थी 14:45, 13 जुल॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 00:00, 14 जुल॰ तक
योग
प्रीति 11:21 तक
आयुष्मान 10:59, 13 जुल॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 14:04 तक
बव 02:28, 13 जुल॰ तक
बालव 14:45, 13 जुल॰ तक
चंद्र राशि
मकर 10:03 तक
सूर्य राशिमिथुन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:31
सूर्यास्त
19:21
चंद्रोदय
21:34
चंद्रास्त
08:11
दिनमान
13h 50m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2074
शक संवत
1939, हेमलंब संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:10 – 04:51
अभिजीत मुहूर्त
11:59 – 12:54 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:26 – 14:10
यमगंड
07:15 – 08:59
गुलिक काल
10:42 – 12:26

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:3106:40दिन
चंद्र06:4007:50दिन
शनि07:5008:59दिन
गुरु08:5910:08दिन
मंगल10:0811:17दिन
सूर्य11:1712:26दिन
शुक्र12:2613:35दिन
बुध13:3514:45दिन
चंद्र14:4515:54दिन
शनि15:5417:03दिन
गुरु17:0318:12दिन
मंगल18:1219:21दिन
सूर्य19:2120:12रात
शुक्र20:1221:03रात
बुध21:0321:54रात
चंद्र21:5422:45रात
शनि22:4523:36रात
गुरु23:3600:26रात
मंगल00:2601:17रात
सूर्य01:1702:08रात
शुक्र02:0802:59रात
बुध02:5903:50रात
चंद्र03:5004:41रात
शनि04:4105:32रात

अयनांश 24.1019° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।