13 मार्च 2028 को पटियाला का चौघड़िया

सोमवार, 13 मार्च 2028, पटियाला, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 13 मार्च 2028 को पटियाला में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (20:39 तक), नक्षत्र चित्रा (22:54 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 06:36 पर और सूर्यास्त 18:31 पर है। राहुकाल 08:05 से 09:35 तक है।

दिन और रात
दिन 06:36 – 18:31
रात 06:35 तक
तिथि
तृतीया, 20:39 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
चित्रा, 22:54 तक
स्वाति
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 मार्च 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:36 – 08:05शुभ
काल08:05 – 09:35टालें
शुभ09:35 – 11:04शुभ
रोग11:04 – 12:34टालें
उद्वेग12:34 – 14:03टालें
चर14:03 – 15:32सामान्य
लाभ15:32 – 17:02शुभ
अमृत17:02 – 18:31शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:31 – 20:01सामान्य
रोग20:01 – 21:32टालें
काल21:32 – 23:02टालें
लाभ23:02 – 00:33शुभ
उद्वेग00:33 – 02:03टालें
शुभ02:03 – 03:34शुभ
अमृत03:34 – 05:04शुभ
चर05:04 – 06:35सामान्य

13 मार्च 2028 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 20:39 तक
कृष्ण चतुर्थी 18:23, 14 मार्च तक
नक्षत्र
चित्रा 22:54 तक
स्वाति 21:26, 14 मार्च तक
योग
वृद्धि 08:24 तक
ध्रुव 05:03, 14 मार्च तक
व्याघातअशुभ 02:15, 15 मार्च तक
करण
वणिज 10:03 तक
विष्टि (भद्रा) 20:39 तक
बव 07:26, 14 मार्च तक
चंद्र राशि
कन्या 11:54 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:36
सूर्यास्त
18:31
चंद्रोदय
21:21
चंद्रास्त
07:39
दिनमान
11h 55m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:59 – 05:48
अभिजीत मुहूर्त
12:10 – 12:57

अशुभ समय

राहुकाल
08:05 – 09:35
यमगंड
11:04 – 12:34
गुलिक काल
14:03 – 15:32

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:3607:36दिन
शनि07:3608:35दिन
गुरु08:3509:35दिन
मंगल09:3510:34दिन
सूर्य10:3411:34दिन
शुक्र11:3412:34दिन
बुध12:3413:33दिन
चंद्र13:3314:33दिन
शनि14:3315:32दिन
गुरु15:3216:32दिन
मंगल16:3217:31दिन
सूर्य17:3118:31दिन
शुक्र18:3119:31रात
बुध19:3120:32रात
चंद्र20:3221:32रात
शनि21:3222:32रात
गुरु22:3223:33रात
मंगल23:3300:33रात
सूर्य00:3301:33रात
शुक्र01:3302:34रात
बुध02:3403:34रात
चंद्र03:3404:34रात
शनि04:3405:35रात
गुरु05:3506:35रात

अयनांश 24.2509° (लाहिड़ी)। समय पटियाला (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।