7 नवंबर 2003 को पटना का चौघड़िया

शुक्रवार, 7 नवंबर 2003, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 7 नवंबर 2003 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (04:13, 8 नव॰ तक), नक्षत्र रेवती (09:46 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 06:00 पर और सूर्यास्त 17:04 पर है। राहुकाल 10:09 से 11:32 तक है।

दिन और रात
दिन 06:00 – 17:04
रात 06:01 तक
तिथि
चतुर्दशी, 04:13 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
रेवती, 09:46 तक
अश्विनी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 नवंबर 2003 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:00 – 07:23सामान्य
लाभ07:23 – 08:46शुभ
अमृत08:46 – 10:09शुभ
काल10:09 – 11:32टालें
शुभ11:32 – 12:55शुभ
रोग12:55 – 14:18टालें
उद्वेग14:18 – 15:41टालें
चर15:41 – 17:04सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:04 – 18:42टालें
काल18:42 – 20:19टालें
लाभ20:19 – 21:56शुभ
उद्वेग21:56 – 23:33टालें
शुभ23:33 – 01:10शुभ
अमृत01:10 – 02:47शुभ
चर02:47 – 04:24सामान्य
रोग04:24 – 06:01टालें

7 नवंबर 2003 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 04:13, 8 नव॰ तक
पूर्णिमा 06:43, 9 नव॰ तक
नक्षत्र
रेवती 09:46 तक
अश्विनी 12:34, 8 नव॰ तक
योग
वज्रअशुभ 08:59 तक
सिद्धि 09:41, 8 नव॰ तक
करण
गर 15:04 तक
वणिज 04:13, 8 नव॰ तक
विष्टि (भद्रा) 17:27, 8 नव॰ तक
चंद्र राशि
मीन 09:46 तक
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:00
सूर्यास्त
17:04
चंद्रोदय
16:12
चंद्रास्त
04:19
दिनमान
11h 4m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2060
शक संवत
1925, स्वभानु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:17 – 05:09
अभिजीत मुहूर्त
11:10 – 11:55

अशुभ समय

राहुकाल
10:09 – 11:32
यमगंड
14:18 – 15:41
गुलिक काल
07:23 – 08:46

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:0006:56दिन
बुध06:5607:51दिन
चंद्र07:5108:46दिन
शनि08:4609:42दिन
गुरु09:4210:37दिन
मंगल10:3711:32दिन
सूर्य11:3212:28दिन
शुक्र12:2813:23दिन
बुध13:2314:18दिन
चंद्र14:1815:14दिन
शनि15:1416:09दिन
गुरु16:0917:04दिन
मंगल17:0418:09रात
सूर्य18:0919:14रात
शुक्र19:1420:19रात
बुध20:1921:23रात
चंद्र21:2322:28रात
शनि22:2823:33रात
गुरु23:3300:38रात
मंगल00:3801:42रात
सूर्य01:4202:47रात
शुक्र02:4703:52रात
बुध03:5204:56रात
चंद्र04:5606:01रात

अयनांश 23.9108° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।