8 नवंबर 2003 को पटना का चौघड़िया

शनिवार, 8 नवंबर 2003, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 8 नवंबर 2003 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (06:43, 9 नव॰ तक), नक्षत्र अश्विनी (12:34 तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 06:01 पर और सूर्यास्त 17:04 पर है। राहुकाल 08:47 से 10:10 तक है।

दिन और रात
दिन 06:01 – 17:04
रात 06:02 तक
तिथि
पूर्णिमा
नक्षत्र
अश्विनी, 12:34 तक
भरणी
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 नवंबर 2003 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:01 – 07:24टालें
शुभ07:24 – 08:47शुभ
रोग08:47 – 10:10टालें
उद्वेग10:10 – 11:33टालें
चर11:33 – 12:55सामान्य
लाभ12:55 – 14:18शुभ
अमृत14:18 – 15:41शुभ
काल15:41 – 17:04टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:04 – 18:41शुभ
उद्वेग18:41 – 20:18टालें
शुभ20:18 – 21:56शुभ
अमृत21:56 – 23:33शुभ
चर23:33 – 01:10सामान्य
रोग01:10 – 02:47टालें
काल02:47 – 04:25टालें
लाभ04:25 – 06:02शुभ

8 नवंबर 2003 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
पूर्णिमा 06:43, 9 नव॰ तक
नक्षत्र
भरणी 15:34, 9 नव॰ तक
योग
सिद्धि 09:41 तक
व्यतीपातअशुभ 10:33, 9 नव॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 17:27 तक
बव 06:43, 9 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:01
सूर्यास्त
17:04
चंद्रोदय
16:43
चंद्रास्त
05:11
दिनमान
11h 3m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2060
शक संवत
1925, स्वभानु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:18 – 05:09
अभिजीत मुहूर्त
11:10 – 11:55

अशुभ समय

राहुकाल
08:47 – 10:10
यमगंड
12:55 – 14:18
गुलिक काल
06:01 – 07:24

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:0106:56दिन
गुरु06:5607:52दिन
मंगल07:5208:47दिन
सूर्य08:4709:42दिन
शुक्र09:4210:37दिन
बुध10:3711:33दिन
चंद्र11:3312:28दिन
शनि12:2813:23दिन
गुरु13:2314:18दिन
मंगल14:1815:13दिन
सूर्य15:1316:09दिन
शुक्र16:0917:04दिन
बुध17:0418:09रात
चंद्र18:0919:14रात
शनि19:1420:18रात
गुरु20:1821:23रात
मंगल21:2322:28रात
सूर्य22:2823:33रात
शुक्र23:3300:38रात
बुध00:3801:43रात
चंद्र01:4302:47रात
शनि02:4703:52रात
गुरु03:5204:57रात
मंगल04:5706:02रात

अयनांश 23.9108° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।