30 अक्टूबर 2008 को पटना का चौघड़िया

गुरुवार, 30 अक्टूबर 2008, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 30 अक्टूबर 2008 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (06:18 तक), नक्षत्र विशाखा (22:50 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 05:56 पर और सूर्यास्त 17:09 पर है। राहुकाल 12:57 से 14:21 तक है।

दिन और रात
दिन 05:56 – 17:09
रात 05:56 तक
तिथि
द्वितीया
नक्षत्र
विशाखा, 22:50 तक
अनुराधा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 अक्टूबर 2008 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:56 – 07:20शुभ
रोग07:20 – 08:44टालें
उद्वेग08:44 – 10:08टालें
चर10:08 – 11:32सामान्य
लाभ11:32 – 12:57शुभ
अमृत12:57 – 14:21शुभ
काल14:21 – 15:45टालें
शुभ15:45 – 17:09शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:09 – 18:45शुभ
चर18:45 – 20:21सामान्य
रोग20:21 – 21:57टालें
काल21:57 – 23:33टालें
लाभ23:33 – 01:09शुभ
उद्वेग01:09 – 02:45टालें
शुभ02:45 – 04:21शुभ
अमृत04:21 – 05:56शुभ

30 अक्टूबर 2008 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 06:18 तक
शुक्ल द्वितीया 08:17, 31 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
विशाखा 22:50 तक
अनुराधा 01:31, 1 नव॰ तक
योग
आयुष्मान 10:00 तक
सौभाग्य 10:29, 31 अक्टू॰ तक
करण
बव 06:18 तक
बालव 19:15 तक
कौलव 08:17, 31 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
तुला 16:13 तक
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:56
सूर्यास्त
17:09
चंद्रोदय
07:02
चंद्रास्त
17:48
दिनमान
11h 13m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2065
शक संवत
1930, सर्वधारी संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:14 – 05:05
अभिजीत मुहूर्त
11:10 – 11:55

अशुभ समय

राहुकाल
12:57 – 14:21
यमगंड
05:56 – 07:20
गुलिक काल
08:44 – 10:08

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:5606:52दिन
मंगल06:5207:48दिन
सूर्य07:4808:44दिन
शुक्र08:4409:40दिन
बुध09:4010:36दिन
चंद्र10:3611:32दिन
शनि11:3212:29दिन
गुरु12:2913:25दिन
मंगल13:2514:21दिन
सूर्य14:2115:17दिन
शुक्र15:1716:13दिन
बुध16:1317:09दिन
चंद्र17:0918:13रात
शनि18:1319:17रात
गुरु19:1720:21रात
मंगल20:2121:25रात
सूर्य21:2522:29रात
शुक्र22:2923:33रात
बुध23:3300:37रात
चंद्र00:3701:41रात
शनि01:4102:45रात
गुरु02:4503:49रात
मंगल03:4904:53रात
सूर्य04:5305:56रात

अयनांश 23.9804° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।