29 अक्टूबर 2011 को पटना का चौघड़िया

शनिवार, 29 अक्टूबर 2011, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 29 अक्टूबर 2011 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (15:12 तक), नक्षत्र अनुराधा (13:41 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 05:55 पर और सूर्यास्त 17:10 पर है। राहुकाल 08:44 से 10:08 तक है।

दिन और रात
दिन 05:55 – 17:10
रात 05:55 तक
तिथि
तृतीया, 15:12 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
अनुराधा, 13:41 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 अक्टूबर 2011 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:55 – 07:19टालें
शुभ07:19 – 08:44शुभ
रोग08:44 – 10:08टालें
उद्वेग10:08 – 11:33टालें
चर11:33 – 12:57सामान्य
लाभ12:57 – 14:21शुभ
अमृत14:21 – 15:46शुभ
काल15:46 – 17:10टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:10 – 18:46शुभ
उद्वेग18:46 – 20:22टालें
शुभ20:22 – 21:57शुभ
अमृत21:57 – 23:33शुभ
चर23:33 – 01:09सामान्य
रोग01:09 – 02:44टालें
काल02:44 – 04:20टालें
लाभ04:20 – 05:55शुभ

29 अक्टूबर 2011 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 15:12 तक
शुक्ल चतुर्थी 12:47, 30 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 11:57, 30 अक्टू॰ तक
योग
सौभाग्य 06:13 तक
शोभन 02:50, 30 अक्टू॰ तक
अतिगंडअशुभ 23:59, 30 अक्टू॰ तक
करण
गर 15:12 तक
वणिज 01:55, 30 अक्टू॰ तक
विष्टि (भद्रा) 12:47, 30 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:55
सूर्यास्त
17:10
चंद्रोदय
08:29
चंद्रास्त
19:23
दिनमान
11h 15m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2068
शक संवत
1933, खर संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:13 – 05:04
अभिजीत मुहूर्त
11:10 – 11:55

अशुभ समय

राहुकाल
08:44 – 10:08
यमगंड
12:57 – 14:21
गुलिक काल
05:55 – 07:19

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:5506:51दिन
गुरु06:5107:47दिन
मंगल07:4708:44दिन
सूर्य08:4409:40दिन
शुक्र09:4010:36दिन
बुध10:3611:33दिन
चंद्र11:3312:29दिन
शनि12:2913:25दिन
गुरु13:2514:21दिन
मंगल14:2115:18दिन
सूर्य15:1816:14दिन
शुक्र16:1417:10दिन
बुध17:1018:14रात
चंद्र18:1419:18रात
शनि19:1820:22रात
गुरु20:2221:25रात
मंगल21:2522:29रात
सूर्य22:2923:33रात
शुक्र23:3300:37रात
बुध00:3701:40रात
चंद्र01:4002:44रात
शनि02:4403:48रात
गुरु03:4804:52रात
मंगल04:5205:55रात

अयनांश 24.0222° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।