13 नवंबर 2012 को पटना का चौघड़िया

मंगलवार, 13 नवंबर 2012, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 13 नवंबर 2012 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (07:13 तक), नक्षत्र स्वाति (15:06 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 06:05 पर और सूर्यास्त 17:01 पर है। राहुकाल 14:17 से 15:39 तक है।

दिन और रात
दिन 06:05 – 17:01
रात 06:06 तक
तिथि
अमावस्या, 03:38 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
स्वाति, 15:06 तक
विशाखा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 नवंबर 2012 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:05 – 07:27टालें
उद्वेग07:27 – 08:49टालें
चर08:49 – 10:11सामान्य
लाभ10:11 – 11:33शुभ
अमृत11:33 – 12:55शुभ
काल12:55 – 14:17टालें
शुभ14:17 – 15:39शुभ
रोग15:39 – 17:01टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:01 – 18:39टालें
लाभ18:39 – 20:17शुभ
उद्वेग20:17 – 21:55टालें
शुभ21:55 – 23:33शुभ
अमृत23:33 – 01:12शुभ
चर01:12 – 02:50सामान्य
रोग02:50 – 04:28टालें
काल04:28 – 06:06टालें

13 नवंबर 2012 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 07:13 तक
अमावस्या 03:38, 14 नव॰ तक
शुक्ल प्रतिपदा 23:56, 14 नव॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 15:06 तक
विशाखा 12:13, 14 नव॰ तक
योग
सौभाग्य 23:58 तक
शोभन 19:43, 14 नव॰ तक
करण
शकुनि 07:13 तक
चतुष्पद 17:27 तक
नाग 03:38, 14 नव॰ तक
किंस्तुघ्न 13:47, 14 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:05
सूर्यास्त
17:01
चंद्रोदय
05:10
चंद्रास्त
16:31
दिनमान
10h 56m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2069
शक संवत
1934, नंदन संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:21 – 05:13
अभिजीत मुहूर्त
11:11 – 11:55

अशुभ समय

राहुकाल
14:17 – 15:39
यमगंड
08:49 – 10:11
गुलिक काल
11:33 – 12:55

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:0507:00दिन
सूर्य07:0007:54दिन
शुक्र07:5408:49दिन
बुध08:4909:44दिन
चंद्र09:4410:38दिन
शनि10:3811:33दिन
गुरु11:3312:28दिन
मंगल12:2813:22दिन
सूर्य13:2214:17दिन
शुक्र14:1715:12दिन
बुध15:1216:06दिन
चंद्र16:0617:01दिन
शनि17:0118:07रात
गुरु18:0719:12रात
मंगल19:1220:17रात
सूर्य20:1721:23रात
शुक्र21:2322:28रात
बुध22:2823:33रात
चंद्र23:3300:39रात
शनि00:3901:44रात
गुरु01:4402:50रात
मंगल02:5003:55रात
सूर्य03:5505:00रात
शुक्र05:0006:06रात

अयनांश 24.0368° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।