8 दिसंबर 2012 को पटना का चौघड़िया

शनिवार, 8 दिसंबर 2012, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 8 दिसंबर 2012 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (07:48 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (07:11 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 06:23 पर और सूर्यास्त 16:59 पर है। राहुकाल 09:02 से 10:21 तक है।

दिन और रात
दिन 06:23 – 16:59
रात 06:24 तक
तिथि
दशमी, 06:06 तक
नक्षत्र
हस्त, 06:10 तक
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 दिसंबर 2012 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:23 – 07:43टालें
शुभ07:43 – 09:02शुभ
रोग09:02 – 10:21टालें
उद्वेग10:21 – 11:41टालें
चर11:41 – 13:00सामान्य
लाभ13:00 – 14:20शुभ
अमृत14:20 – 15:39शुभ
काल15:39 – 16:59टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ16:59 – 18:39शुभ
उद्वेग18:39 – 20:20टालें
शुभ20:20 – 22:01शुभ
अमृत22:01 – 23:41शुभ
चर23:41 – 01:22सामान्य
रोग01:22 – 03:02टालें
काल03:02 – 04:43टालें
लाभ04:43 – 06:24शुभ

8 दिसंबर 2012 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण नवमी 07:48 तक
कृष्ण दशमी 06:06, 9 दिस॰ तक
कृष्ण एकादशी 03:46, 10 दिस॰ तक
नक्षत्र
हस्त 06:10, 9 दिस॰ तक
चित्रा 04:30, 10 दिस॰ तक
योग
आयुष्मान 19:35 तक
सौभाग्य 16:43, 9 दिस॰ तक
करण
गर 07:48 तक
वणिज 19:02 तक
विष्टि (भद्रा) 06:06, 9 दिस॰ तक
बव 17:01, 9 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:23
सूर्यास्त
16:59
चंद्रोदय
00:44
चंद्रास्त
12:46
दिनमान
10h 36m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2069
शक संवत
1934, नंदन संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:36 – 05:29
अभिजीत मुहूर्त
11:20 – 12:02

अशुभ समय

राहुकाल
09:02 – 10:21
यमगंड
13:00 – 14:20
गुलिक काल
06:23 – 07:43

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:2307:16दिन
गुरु07:1608:09दिन
मंगल08:0909:02दिन
सूर्य09:0209:55दिन
शुक्र09:5510:48दिन
बुध10:4811:41दिन
चंद्र11:4112:34दिन
शनि12:3413:27दिन
गुरु13:2714:20दिन
मंगल14:2015:13दिन
सूर्य15:1316:06दिन
शुक्र16:0616:59दिन
बुध16:5918:06रात
चंद्र18:0619:13रात
शनि19:1320:20रात
गुरु20:2021:27रात
मंगल21:2722:34रात
सूर्य22:3423:41रात
शुक्र23:4100:48रात
बुध00:4801:55रात
चंद्र01:5503:02रात
शनि03:0204:10रात
गुरु04:1005:17रात
मंगल05:1706:24रात

अयनांश 24.0377° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।