26 नवंबर 2015 को पटना का चौघड़िया

गुरुवार, 26 नवंबर 2015, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 26 नवंबर 2015 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (01:37, 27 नव॰ तक), नक्षत्र रोहिणी (03:35, 27 नव॰ तक) और योग शिव है। सूर्योदय 06:14 पर और सूर्यास्त 16:58 पर है। राहुकाल 12:56 से 14:17 तक है।

दिन और रात
दिन 06:14 – 16:58
रात 06:15 तक
तिथि
प्रतिपदा, 01:37 तक
द्वितीया
नक्षत्र
रोहिणी, 03:35 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 नवंबर 2015 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:14 – 07:34शुभ
रोग07:34 – 08:55टालें
उद्वेग08:55 – 10:15टालें
चर10:15 – 11:36सामान्य
लाभ11:36 – 12:56शुभ
अमृत12:56 – 14:17शुभ
काल14:17 – 15:37टालें
शुभ15:37 – 16:58शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत16:58 – 18:38शुभ
चर18:38 – 20:17सामान्य
रोग20:17 – 21:57टालें
काल21:57 – 23:36टालें
लाभ23:36 – 01:16शुभ
उद्वेग01:16 – 02:56टालें
शुभ02:56 – 04:35शुभ
अमृत04:35 – 06:15शुभ

26 नवंबर 2015 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 01:37, 27 नव॰ तक
कृष्ण द्वितीया 23:30, 27 नव॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 03:35, 27 नव॰ तक
मृगशिरा 02:13, 28 नव॰ तक
योग
शिव 16:49 तक
सिद्ध 13:41, 27 नव॰ तक
करण
बालव 14:53 तक
कौलव 01:37, 27 नव॰ तक
तैतिल 12:29, 27 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:14
सूर्यास्त
16:58
चंद्रोदय
17:37
चंद्रास्त
06:16
दिनमान
10h 44m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2072
शक संवत
1937, मन्मथ संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:28 – 05:21
अभिजीत मुहूर्त
11:15 – 11:57

अशुभ समय

राहुकाल
12:56 – 14:17
यमगंड
06:14 – 07:34
गुलिक काल
08:55 – 10:15

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:1407:08दिन
मंगल07:0808:01दिन
सूर्य08:0108:55दिन
शुक्र08:5509:49दिन
बुध09:4910:42दिन
चंद्र10:4211:36दिन
शनि11:3612:30दिन
गुरु12:3013:23दिन
मंगल13:2314:17दिन
सूर्य14:1715:11दिन
शुक्र15:1116:04दिन
बुध16:0416:58दिन
चंद्र16:5818:04रात
शनि18:0419:11रात
गुरु19:1120:17रात
मंगल20:1721:24रात
सूर्य21:2422:30रात
शुक्र22:3023:36रात
बुध23:3600:43रात
चंद्र00:4301:49रात
शनि01:4902:56रात
गुरु02:5604:02रात
मंगल04:0205:08रात
सूर्य05:0806:15रात

अयनांश 24.0792° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।