1 नवंबर 2016 को पटना का चौघड़िया

मंगलवार, 1 नवंबर 2016, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 1 नवंबर 2016 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (04:11, 2 नव॰ तक), नक्षत्र विशाखा (15:00 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 05:57 पर और सूर्यास्त 17:08 पर है। राहुकाल 14:20 से 15:44 तक है।

दिन और रात
दिन 05:57 – 17:08
रात 05:58 तक
तिथि
द्वितीया, 04:11 तक
तृतीया
नक्षत्र
विशाखा, 15:00 तक
अनुराधा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 नवंबर 2016 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:57 – 07:21टालें
उद्वेग07:21 – 08:45टालें
चर08:45 – 10:09सामान्य
लाभ10:09 – 11:32शुभ
अमृत11:32 – 12:56शुभ
काल12:56 – 14:20टालें
शुभ14:20 – 15:44शुभ
रोग15:44 – 17:08टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:08 – 18:44टालें
लाभ18:44 – 20:20शुभ
उद्वेग20:20 – 21:56टालें
शुभ21:56 – 23:33शुभ
अमृत23:33 – 01:09शुभ
चर01:09 – 02:45सामान्य
रोग02:45 – 04:22टालें
काल04:22 – 05:58टालें

1 नवंबर 2016 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 04:11, 2 नव॰ तक
शुक्ल तृतीया 06:37, 3 नव॰ तक
नक्षत्र
विशाखा 15:00 तक
अनुराधा 17:57, 2 नव॰ तक
योग
सौभाग्य 23:46 तक
शोभन 00:36, 3 नव॰ तक
करण
बालव 14:55 तक
कौलव 04:11, 2 नव॰ तक
तैतिल 17:25, 2 नव॰ तक
चंद्र राशि
तुला 08:15 तक
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:57
सूर्यास्त
17:08
चंद्रोदय
07:03
चंद्रास्त
18:26
दिनमान
11h 10m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2073
शक संवत
1938, दुर्मुख संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:15 – 05:06
अभिजीत मुहूर्त
11:10 – 11:55

अशुभ समय

राहुकाल
14:20 – 15:44
यमगंड
08:45 – 10:09
गुलिक काल
11:32 – 12:56

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:5706:53दिन
सूर्य06:5307:49दिन
शुक्र07:4908:45दिन
बुध08:4509:41दिन
चंद्र09:4110:37दिन
शनि10:3711:32दिन
गुरु11:3212:28दिन
मंगल12:2813:24दिन
सूर्य13:2414:20दिन
शुक्र14:2015:16दिन
बुध15:1616:12दिन
चंद्र16:1217:08दिन
शनि17:0818:12रात
गुरु18:1219:16रात
मंगल19:1620:20रात
सूर्य20:2021:24रात
शुक्र21:2422:29रात
बुध22:2923:33रात
चंद्र23:3300:37रात
शनि00:3701:41रात
गुरु01:4102:45रात
मंगल02:4503:49रात
सूर्य03:4904:54रात
शुक्र04:5405:58रात

अयनांश 24.0922° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।