28 अक्टूबर 2018 को पटना का चौघड़िया

रविवार, 28 अक्टूबर 2018, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 28 अक्टूबर 2018 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (16:54 तक), नक्षत्र रोहिणी (07:23 तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 05:54 पर और सूर्यास्त 17:11 पर है। राहुकाल 15:46 से 17:11 तक है।

दिन और रात
दिन 05:54 – 17:11
रात 05:55 तक
तिथि
चतुर्थी, 16:54 तक
पंचमी
नक्षत्र
मृगशिरा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 अक्टूबर 2018 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:54 – 07:19टालें
चर07:19 – 08:44सामान्य
लाभ08:44 – 10:08शुभ
अमृत10:08 – 11:33शुभ
काल11:33 – 12:57टालें
शुभ12:57 – 14:22शुभ
रोग14:22 – 15:46टालें
उद्वेग15:46 – 17:11टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:11 – 18:46शुभ
अमृत18:46 – 20:22शुभ
चर20:22 – 21:57सामान्य
रोग21:57 – 23:33टालें
काल23:33 – 01:08टालें
लाभ01:08 – 02:44शुभ
उद्वेग02:44 – 04:19टालें
शुभ04:19 – 05:55शुभ

28 अक्टूबर 2018 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 16:54 तक
कृष्ण पंचमी 15:03, 29 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 07:23 तक
मृगशिरा 06:17, 29 अक्टू॰ तक
योग
परिघअशुभ 22:40 तक
शिव 19:59, 29 अक्टू॰ तक
करण
बालव 16:54 तक
कौलव 04:00, 29 अक्टू॰ तक
तैतिल 15:03, 29 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 18:51 तक
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:54
सूर्यास्त
17:11
चंद्रोदय
20:20
चंद्रास्त
09:13
दिनमान
11h 16m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2075
शक संवत
1940, विलंब संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:13 – 05:04
अभिजीत मुहूर्त
11:10 – 11:55

अशुभ समय

राहुकाल
15:46 – 17:11
यमगंड
11:33 – 12:57
गुलिक काल
14:22 – 15:46

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:5406:51दिन
शुक्र06:5107:47दिन
बुध07:4708:44दिन
चंद्र08:4409:40दिन
शनि09:4010:36दिन
गुरु10:3611:33दिन
मंगल11:3312:29दिन
सूर्य12:2913:25दिन
शुक्र13:2514:22दिन
बुध14:2215:18दिन
चंद्र15:1816:14दिन
शनि16:1417:11दिन
गुरु17:1118:14रात
मंगल18:1419:18रात
सूर्य19:1820:22रात
शुक्र20:2221:26रात
बुध21:2622:29रात
चंद्र22:2923:33रात
शनि23:3300:37रात
गुरु00:3701:40रात
मंगल01:4002:44रात
सूर्य02:4403:48रात
शुक्र03:4804:51रात
बुध04:5105:55रात

अयनांश 24.1200° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।