22 नवंबर 2020 को पटना का चौघड़िया

रविवार, 22 नवंबर 2020, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 22 नवंबर 2020 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (22:51 तक), नक्षत्र धनिष्ठा (11:09 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 06:12 पर और सूर्यास्त 16:58 पर है। राहुकाल 15:38 से 16:58 तक है।

दिन और रात
दिन 06:12 – 16:58
रात 06:12 तक
तिथि
अष्टमी, 22:51 तक
नवमी
नक्षत्र
धनिष्ठा, 11:09 तक
शतभिषा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 नवंबर 2020 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:12 – 07:32टालें
चर07:32 – 08:53सामान्य
लाभ08:53 – 10:14शुभ
अमृत10:14 – 11:35शुभ
काल11:35 – 12:56टालें
शुभ12:56 – 14:17शुभ
रोग14:17 – 15:38टालें
उद्वेग15:38 – 16:58टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ16:58 – 18:38शुभ
अमृत18:38 – 20:17शुभ
चर20:17 – 21:56सामान्य
रोग21:56 – 23:35टालें
काल23:35 – 01:15टालें
लाभ01:15 – 02:54शुभ
उद्वेग02:54 – 04:33टालें
शुभ04:33 – 06:12शुभ

22 नवंबर 2020 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 22:51 तक
शुक्ल नवमी 00:32, 24 नव॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 13:04, 23 नव॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 05:50, 23 नव॰ तक
हर्षण 06:07, 24 नव॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 10:15 तक
बव 22:51 तक
बालव 11:38, 23 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:12
सूर्यास्त
16:58
चंद्रोदय
12:35
चंद्रास्त
23:58
दिनमान
10h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2077
शक संवत
1942, शार्वरी संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:26 – 05:19
अभिजीत मुहूर्त
11:13 – 11:57

अशुभ समय

राहुकाल
15:38 – 16:58
यमगंड
11:35 – 12:56
गुलिक काल
14:17 – 15:38

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:1207:06दिन
शुक्र07:0607:59दिन
बुध07:5908:53दिन
चंद्र08:5309:47दिन
शनि09:4710:41दिन
गुरु10:4111:35दिन
मंगल11:3512:29दिन
सूर्य12:2913:23दिन
शुक्र13:2314:17दिन
बुध14:1715:11दिन
चंद्र15:1116:05दिन
शनि16:0516:58दिन
गुरु16:5818:05रात
मंगल18:0519:11रात
सूर्य19:1120:17रात
शुक्र20:1721:23रात
बुध21:2322:29रात
चंद्र22:2923:35रात
शनि23:3500:42रात
गुरु00:4201:48रात
मंगल01:4802:54रात
सूर्य02:5404:00रात
शुक्र04:0005:06रात
बुध05:0606:12रात

अयनांश 24.1489° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।