30 अप्रैल 2025 को पटना का चौघड़िया

बुधवार, 30 अप्रैल 2025, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 30 अप्रैल 2025 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (14:12 तक), नक्षत्र रोहिणी (16:18 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 05:13 पर और सूर्यास्त 18:19 पर है। राहुकाल 11:46 से 13:25 तक है।

दिन और रात
दिन 05:13 – 18:19
रात 05:13 तक
तिथि
तृतीया, 14:12 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
रोहिणी, 16:18 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 अप्रैल 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:13 – 06:52शुभ
अमृत06:52 – 08:30शुभ
काल08:30 – 10:08टालें
शुभ10:08 – 11:46शुभ
रोग11:46 – 13:25टालें
उद्वेग13:25 – 15:03टालें
चर15:03 – 16:41सामान्य
लाभ16:41 – 18:19शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:19 – 19:41टालें
शुभ19:41 – 21:03शुभ
अमृत21:03 – 22:24शुभ
चर22:24 – 23:46सामान्य
रोग23:46 – 01:08टालें
काल01:08 – 02:29टालें
लाभ02:29 – 03:51शुभ
उद्वेग03:51 – 05:13टालें

30 अप्रैल 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 14:12 तक
शुक्ल चतुर्थी 11:24, 1 मई तक
नक्षत्र
रोहिणी 16:18 तक
मृगशिरा 14:20, 1 मई तक
योग
शोभन 12:01 तक
अतिगंडअशुभ 08:34, 1 मई तक
करण
गर 14:12 तक
वणिज 00:43, 1 मई तक
विष्टि (भद्रा) 11:24, 1 मई तक
चंद्र राशि
वृषभ 03:14, 1 मई तक
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:13
सूर्यास्त
18:19
चंद्रोदय
06:58
चंद्रास्त
21:30
दिनमान
13h 6m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:46 – 04:30
अभिजीत मुहूर्त
11:20 – 12:13 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:46 – 13:25
यमगंड
06:52 – 08:30
गुलिक काल
10:08 – 11:46

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:1306:19दिन
चंद्र06:1907:24दिन
शनि07:2408:30दिन
गुरु08:3009:35दिन
मंगल09:3510:41दिन
सूर्य10:4111:46दिन
शुक्र11:4612:52दिन
बुध12:5213:57दिन
चंद्र13:5715:03दिन
शनि15:0316:08दिन
गुरु16:0817:14दिन
मंगल17:1418:19दिन
सूर्य18:1919:14रात
शुक्र19:1420:08रात
बुध20:0821:03रात
चंद्र21:0321:57रात
शनि21:5722:52रात
गुरु22:5223:46रात
मंगल23:4600:40रात
सूर्य00:4001:35रात
शुक्र01:3502:29रात
बुध02:2903:24रात
चंद्र03:2404:18रात
शनि04:1805:13रात

अयनांश 24.2109° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।