12 मई 2025 को पटना का चौघड़िया

सोमवार, 12 मई 2025, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 12 मई 2025 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (22:25 तक), नक्षत्र स्वाति (06:17 तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 05:05 पर और सूर्यास्त 18:26 पर है। राहुकाल 06:45 से 08:25 तक है।

दिन और रात
दिन 05:05 – 18:26
रात 05:05 तक
तिथि
पूर्णिमा, 22:25 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
विशाखा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 मई 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:05 – 06:45शुभ
काल06:45 – 08:25टालें
शुभ08:25 – 10:05शुभ
रोग10:05 – 11:45टालें
उद्वेग11:45 – 13:25टालें
चर13:25 – 15:06सामान्य
लाभ15:06 – 16:46शुभ
अमृत16:46 – 18:26शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:26 – 19:46सामान्य
रोग19:46 – 21:05टालें
काल21:05 – 22:25टालें
लाभ22:25 – 23:45शुभ
उद्वेग23:45 – 01:05टालें
शुभ01:05 – 02:25शुभ
अमृत02:25 – 03:45शुभ
चर03:45 – 05:05सामान्य

12 मई 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
पूर्णिमा 22:25 तक
कृष्ण प्रतिपदा 00:36, 14 मई तक
नक्षत्र
स्वाति 06:17 तक
विशाखा 09:09, 13 मई तक
योग
वरीयान 05:52, 13 मई तक
करण
विष्टि (भद्रा) 09:15 तक
बव 22:25 तक
बालव 11:32, 13 मई तक
चंद्र राशि
तुला 02:27, 13 मई तक
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:05
सूर्यास्त
18:26
चंद्रोदय
18:17
चंद्रास्त
04:28
दिनमान
13h 20m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:40 – 04:23
अभिजीत मुहूर्त
11:19 – 12:12

अशुभ समय

राहुकाल
06:45 – 08:25
यमगंड
10:05 – 11:45
गुलिक काल
13:25 – 15:06

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:0506:12दिन
शनि06:1207:19दिन
गुरु07:1908:25दिन
मंगल08:2509:32दिन
सूर्य09:3210:39दिन
शुक्र10:3911:45दिन
बुध11:4512:52दिन
चंद्र12:5213:59दिन
शनि13:5915:06दिन
गुरु15:0616:12दिन
मंगल16:1217:19दिन
सूर्य17:1918:26दिन
शुक्र18:2619:19रात
बुध19:1920:12रात
चंद्र20:1221:05रात
शनि21:0521:59रात
गुरु21:5922:52रात
मंगल22:5223:45रात
सूर्य23:4500:38रात
शुक्र00:3801:32रात
बुध01:3202:25रात
चंद्र02:2503:18रात
शनि03:1804:11रात
गुरु04:1105:05रात

अयनांश 24.2113° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।