28 जून 2025 को पटना का चौघड़िया

शनिवार, 28 जून 2025, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 28 जून 2025 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (09:54 तक), नक्षत्र पुष्य (06:35 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 05:01 पर और सूर्यास्त 18:44 पर है। राहुकाल 08:26 से 10:09 तक है।

दिन और रात
दिन 05:01 – 18:44
रात 05:01 तक
तिथि
तृतीया, 09:54 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
आश्लेषा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 जून 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:01 – 06:43टालें
शुभ06:43 – 08:26शुभ
रोग08:26 – 10:09टालें
उद्वेग10:09 – 11:52टालें
चर11:52 – 13:35सामान्य
लाभ13:35 – 15:18शुभ
अमृत15:18 – 17:01शुभ
काल17:01 – 18:44टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:44 – 20:01शुभ
उद्वेग20:01 – 21:18टालें
शुभ21:18 – 22:35शुभ
अमृत22:35 – 23:52शुभ
चर23:52 – 01:10सामान्य
रोग01:10 – 02:27टालें
काल02:27 – 03:44टालें
लाभ03:44 – 05:01शुभ

28 जून 2025 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 09:54 तक
शुक्ल चतुर्थी 09:15, 29 जून तक
नक्षत्र
पुष्य 06:35 तक
आश्लेषा 06:34, 29 जून तक
योग
हर्षण 19:15 तक
वज्रअशुभ 17:58, 29 जून तक
करण
गर 09:54 तक
वणिज 21:28 तक
विष्टि (भद्रा) 09:15, 29 जून तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमिथुन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:01
सूर्यास्त
18:44
चंद्रोदय
07:42
चंद्रास्त
21:25
दिनमान
13h 43m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:38 – 04:19
अभिजीत मुहूर्त
11:25 – 12:20

अशुभ समय

राहुकाल
08:26 – 10:09
यमगंड
13:35 – 15:18
गुलिक काल
05:01 – 06:43

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:0106:09दिन
गुरु06:0907:18दिन
मंगल07:1808:26दिन
सूर्य08:2609:35दिन
शुक्र09:3510:44दिन
बुध10:4411:52दिन
चंद्र11:5213:01दिन
शनि13:0114:09दिन
गुरु14:0915:18दिन
मंगल15:1816:27दिन
सूर्य16:2717:35दिन
शुक्र17:3518:44दिन
बुध18:4419:35रात
चंद्र19:3520:27रात
शनि20:2721:18रात
गुरु21:1822:10रात
मंगल22:1023:01रात
सूर्य23:0123:52रात
शुक्र23:5200:44रात
बुध00:4401:35रात
चंद्र01:3502:27रात
शनि02:2703:18रात
गुरु03:1804:09रात
मंगल04:0905:01रात

अयनांश 24.2131° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।