13 मार्च 2026 को पटना का चौघड़िया

शुक्रवार, 13 मार्च 2026, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 13 मार्च 2026 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (06:29 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (03:03, 14 मार्च तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 06:01 पर और सूर्यास्त 17:57 पर है। राहुकाल 10:29 से 11:59 तक है।

दिन और रात
दिन 06:01 – 17:57
रात 06:00 तक
तिथि
दशमी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 03:03 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:01 – 07:30सामान्य
लाभ07:30 – 09:00शुभ
अमृत09:00 – 10:29शुभ
काल10:29 – 11:59टालें
शुभ11:59 – 13:28शुभ
रोग13:28 – 14:58टालें
उद्वेग14:58 – 16:27टालें
चर16:27 – 17:57सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:57 – 19:27टालें
काल19:27 – 20:57टालें
लाभ20:57 – 22:28शुभ
उद्वेग22:28 – 23:58टालें
शुभ23:58 – 01:28शुभ
अमृत01:28 – 02:59शुभ
चर02:59 – 04:29सामान्य
रोग04:29 – 06:00टालें

13 मार्च 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण नवमी 06:29 तक
कृष्ण दशमी 08:11, 14 मार्च तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा 03:03, 14 मार्च तक
उत्तराषाढ़ा 04:49, 15 मार्च तक
योग
व्यतीपातअशुभ 10:31 तक
वरीयान 10:42, 14 मार्च तक
करण
गर 06:29 तक
वणिज 19:24 तक
विष्टि (भद्रा) 08:11, 14 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:01
सूर्यास्त
17:57
चंद्रोदय
02:03
चंद्रास्त
12:29
दिनमान
11h 56m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:24 – 05:12
अभिजीत मुहूर्त
11:35 – 12:22

अशुभ समय

राहुकाल
10:29 – 11:59
यमगंड
14:58 – 16:27
गुलिक काल
07:30 – 09:00

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:0107:00दिन
बुध07:0008:00दिन
चंद्र08:0009:00दिन
शनि09:0009:59दिन
गुरु09:5910:59दिन
मंगल10:5911:59दिन
सूर्य11:5912:58दिन
शुक्र12:5813:58दिन
बुध13:5814:58दिन
चंद्र14:5815:57दिन
शनि15:5716:57दिन
गुरु16:5717:57दिन
मंगल17:5718:57रात
सूर्य18:5719:57रात
शुक्र19:5720:57रात
बुध20:5721:58रात
चंद्र21:5822:58रात
शनि22:5823:58रात
गुरु23:5800:58रात
मंगल00:5801:59रात
सूर्य01:5902:59रात
शुक्र02:5903:59रात
बुध03:5904:59रात
चंद्र04:5906:00रात

अयनांश 24.2230° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।