14 मार्च 2026 को पटना का चौघड़िया

शनिवार, 14 मार्च 2026, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 14 मार्च 2026 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (08:11 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (04:49, 15 मार्च तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 06:00 पर और सूर्यास्त 17:57 पर है। राहुकाल 08:59 से 10:29 तक है।

दिन और रात
दिन 06:00 – 17:57
रात 05:59 तक
तिथि
एकादशी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 04:49 तक
श्रवण
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:00 – 07:29टालें
शुभ07:29 – 08:59शुभ
रोग08:59 – 10:29टालें
उद्वेग10:29 – 11:58टालें
चर11:58 – 13:28सामान्य
लाभ13:28 – 14:58शुभ
अमृत14:58 – 16:27शुभ
काल16:27 – 17:57टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:57 – 19:27शुभ
उद्वेग19:27 – 20:58टालें
शुभ20:58 – 22:28शुभ
अमृत22:28 – 23:58शुभ
चर23:58 – 01:28सामान्य
रोग01:28 – 02:58टालें
काल02:58 – 04:28टालें
लाभ04:28 – 05:59शुभ

14 मार्च 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण दशमी 08:11 तक
कृष्ण एकादशी 09:17, 15 मार्च तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 04:49, 15 मार्च तक
श्रवण 05:56, 16 मार्च तक
योग
वरीयान 10:42 तक
परिघअशुभ 10:25, 15 मार्च तक
करण
विष्टि (भद्रा) 08:11 तक
बव 20:49 तक
बालव 09:17, 15 मार्च तक
चंद्र राशि
धनु 09:33 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:00
सूर्यास्त
17:57
चंद्रोदय
02:49
चंद्रास्त
13:26
दिनमान
11h 58m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:23 – 05:11
अभिजीत मुहूर्त
11:34 – 12:22

अशुभ समय

राहुकाल
08:59 – 10:29
यमगंड
13:28 – 14:58
गुलिक काल
06:00 – 07:29

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:0006:59दिन
गुरु06:5907:59दिन
मंगल07:5908:59दिन
सूर्य08:5909:59दिन
शुक्र09:5910:59दिन
बुध10:5911:58दिन
चंद्र11:5812:58दिन
शनि12:5813:58दिन
गुरु13:5814:58दिन
मंगल14:5815:58दिन
सूर्य15:5816:57दिन
शुक्र16:5717:57दिन
बुध17:5718:57रात
चंद्र18:5719:57रात
शनि19:5720:58रात
गुरु20:5821:58रात
मंगल21:5822:58रात
सूर्य22:5823:58रात
शुक्र23:5800:58रात
बुध00:5801:58रात
चंद्र01:5802:58रात
शनि02:5803:58रात
गुरु03:5804:58रात
मंगल04:5805:59रात

अयनांश 24.2230° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।