15 मार्च 2026 को पटना का चौघड़िया

रविवार, 15 मार्च 2026, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 15 मार्च 2026 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (09:17 तक), नक्षत्र श्रवण (05:56, 16 मार्च तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 05:59 पर और सूर्यास्त 17:58 पर है। राहुकाल 16:28 से 17:58 तक है।

दिन और रात
दिन 05:59 – 17:58
रात 05:57 तक
तिथि
एकादशी, 09:17 तक
द्वादशी
नक्षत्र
श्रवण, 05:56 तक
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

15 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:59 – 07:28टालें
चर07:28 – 08:58सामान्य
लाभ08:58 – 10:28शुभ
अमृत10:28 – 11:58शुभ
काल11:58 – 13:28टालें
शुभ13:28 – 14:58शुभ
रोग14:58 – 16:28टालें
उद्वेग16:28 – 17:58टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:58 – 19:28शुभ
अमृत19:28 – 20:58शुभ
चर20:58 – 22:28सामान्य
रोग22:28 – 23:58टालें
काल23:58 – 01:28टालें
लाभ01:28 – 02:58शुभ
उद्वेग02:58 – 04:27टालें
शुभ04:27 – 05:57शुभ

15 मार्च 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 09:17 तक
कृष्ण द्वादशी 09:41, 16 मार्च तक
नक्षत्र
श्रवण 05:56, 16 मार्च तक
धनिष्ठा 06:22, 17 मार्च तक
योग
परिघअशुभ 10:25 तक
शिव 09:36, 16 मार्च तक
करण
बालव 09:17 तक
कौलव 21:34 तक
तैतिल 09:41, 16 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:59
सूर्यास्त
17:58
चंद्रोदय
03:31
चंद्रास्त
14:25
दिनमान
11h 59m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:22 – 05:10
अभिजीत मुहूर्त
11:34 – 12:22

अशुभ समय

राहुकाल
16:28 – 17:58
यमगंड
11:58 – 13:28
गुलिक काल
14:58 – 16:28

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:5906:58दिन
शुक्र06:5807:58दिन
बुध07:5808:58दिन
चंद्र08:5809:58दिन
शनि09:5810:58दिन
गुरु10:5811:58दिन
मंगल11:5812:58दिन
सूर्य12:5813:58दिन
शुक्र13:5814:58दिन
बुध14:5815:58दिन
चंद्र15:5816:58दिन
शनि16:5817:58दिन
गुरु17:5818:58रात
मंगल18:5819:58रात
सूर्य19:5820:58रात
शुक्र20:5821:58रात
बुध21:5822:58रात
चंद्र22:5823:58रात
शनि23:5800:58रात
गुरु00:5801:58रात
मंगल01:5802:58रात
सूर्य02:5803:58रात
शुक्र03:5804:57रात
बुध04:5705:57रात

अयनांश 24.2231° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।